देश में चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर कुछ भी संभव है। कभी किसी की तस्वीर को काट-छांट कर वायरल किया जाता है, तो कभी गलत मैसेज के साथ गलत तस्वीर को शेयर किया जाता है। सोशल मीडिया ने फर्जी खबर फैलाने की हद तो तब पार कर दी जब 25 मार्च को पहले चरण के उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तारीख के बाद से ही ट्विटर, फेसबुक और व्हॉट्सएप पर भाजपा को अरुणाचल प्रदेश में जीत की बधाई दी जाने लगी।
इस वायरल मैसेज को लेकर अमर उजाला की पड़ताल कहती है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबर बिल्कुल गलत है। अरुणाचल प्रदेश में पहले चरण के उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान ऐसा कोई वाकया सामने नहीं आया है, बल्कि कई पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपना नामांकन किया है। ऐसे कई सबूत हैं जो इस खबर को गलत साबित करते हैं।
अरुणाचल प्रदेश की दोनों सीटों में से किसी में भी भाजपा की तरफ से सर किंटो जेनी नाम का कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं है। यहां वेस्ट लोकसभा सीट से किरण रिजिजू और ईस्ट से तापिर गाओ भाजपा उम्मीदवार हैं।
वायरल मैसेज में यह साफ नहीं किया जा रहा है कि सर किंटो जेनी अरुणाचल प्रदेश की कौन सी लोकसभा सीट के उम्मीदवार हैं।
इनमें से कुछ मैसेज सर किंटो जेनी को लोकसभा का उम्मीदवार बताते हैं, तो कुछ विधानसभा उम्मीदवार बता रहे हैं।
अरुणाचल प्रदेश में 11 अप्रैल को हुए चुनावों में दोनो में से किसी भी सीट पर कोई अकेला उम्मीदवार नहीं था, इसलिए निर्विरोध निर्वाचन का सवाल ही खड़ा नहीं होता है। यहां देखें पहले चरण के उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट।
आपके लिए
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