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साध्वी प्रज्ञा को चुनौती देने के लिए दिग्विजय ले रहे हैं 'गौ' और 'गायत्री' का सहारा, देखें तस्वीरें

Thu, 09 May 2019 02:34 PM IST
ललित फुलारा चुनाव डेस्क, अमर उजाला
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गाय को चारा खिलाते दिग्विजय सिंह
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को गायत्री मंदिर में पूजा की और गाय को चारा खिलाया। दिग्विजय सिंह के खिलाफ मैदान में भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह हैं। दिग्विजय, साध्वी प्रज्ञा को चुनौती देने के लिए धर्म-कर्म और पूजा-पाठ का इनदिनों खूब सहारा ले रहे हैं। सॉफ्ट हिंदुत्व की तरफ बढ़ने वाले दिग्विजय सिंह का पूरा जोर इस बात पर है कि कैसे वह साध्वी प्रज्ञा से बड़े धार्मिक दिखें। इससे पहले वह अपनी पत्नी के साथ 'हटयोग' में पूजा-पाठ कर चुके हैं। पहले भी कई बार दिग्विजय सिंह कह चुके हैं कि वह बेहद धार्मिक प्रवृत्ति के हैं। असली हिंदू हैं। दिग्विजय सिंह, अपने इस कदम से साध्वी प्रज्ञा और भाजपा को साफ संदेश दे रहे हैं कि सूबे में उनकी अपनी धार्मिक छवि है जो कि 'हिंदू आतंकवाद' शब्द के जनक और हिंदू विरोधी आरोपों से खराब होने वाली नहीं है। 50 सालों से राजनीति में सक्रिय दिग्विजय सिंह की यह रणनीति इस सीट के चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना रही है।आइए तस्वीरों में देखते हैं दिग्विजय सिंह का बदला स्वरूप!
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गाय को प्रणाम करते हुए दिग्विजय सिंह
71 साल के दिग्विजय सिंह राजनीतिक के मझे हुए खिलाड़ी हैं। 1970 में कांग्रेस में शामिल होकर 1977 में पहली बार विधायक बनने वाले दिग्विजय ने इस चुनाव में 'कांग्रेस' की राजनीति को ही पलट दिया है। कांग्रेस को अल्पसंख्यकों की राजनीति करने वाली पार्टी के तौर पर जाना जाता है। लेकिन, दिग्विजय भोपाल में इस बात का पूरा ध्यान रख रहे हैं कि कैसे साधु-संत उनके साथ खड़े दिखे और वह जनता के बीच साध्वी प्रज्ञा की धार्मिक छवि को कम कर सकें। 
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दिग्विजय सिंह
यही वजह है कि दिग्विजय सिंह 'गौ' और 'गायत्री' की राजनीति में खुद को झोंके हुए हैं। 1984 में राघोगढ़ से सांसद बनने वाले दिग्विजय सिंह, साध्वी प्रज्ञा को उनके ही गौ, गायत्री और गंगा वाले रणनीति से चुनौती दे रहे हैं।
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दिग्विजय सिंह
1993 से 2003 तक सूबे के मुख्यमंत्री की कमान संभाल चुके दिग्विजय सिंह इनदिनों अपनी धार्मिक छवि को भुनाने में लगे हुए हैं, ताकि चुनाव में उनको इसका फायदा मिल सके।
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