चंद्राणी ने 2017 में ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के एक इंजिनियरिंग कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थीं। उनके चाचा हरमोहन सोरेन नौकरी से रिटायर हो कर अब सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं, इसलिए बीजद नेताओं से अच्छे संबंध रखते हैं। चुनाव से कुछ समय पहले उन्होंने राजनीति में आने को लेकर चंद्राणी से पूछा और लोकसभा चुनाव लड़ने की बात की, मगर चंद्रणी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। हरमोहन सोरेन को हर हाल में भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ चंद्राणी योग्य उम्मीदवार लगीं, इसलिए उनके संपर्क पर उनका टिकट फाईनल हो गया। चंद्राणी को एक अप्रैल को मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी सूचना मिली।
चंद्राणी से पहले देश के सबसे युवा सांसद होने का गौरव दुष्यंत सिंह चौटाला के नाम था। 2014 के लोकसभा चुनाव में दुष्यंत की उम्र 26 साल थी। उन्होंने हरियाणा की हिसार लोकसभा सीट से कुलदीप बिश्नोई को 31 हजार वोट से मात दी थी। इसके बाद उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ था।