उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से टिकट कटने के बाद भाजपा नेता और सांसद उदित राज ने पहले
चौकीदारी छोड़ी, उसके बाद वापस भी ले ली। मतलब ये कि भाजपा से उम्मीदवारी खारिज हो जाने के बाद पहले उन्होंने अपने ट्विटर परिचय में
चौकीदार डॉ. उदित राज से 'चौकीदार' शब्द हटाकर
डॉ. उदित राज कर दिया। लेकिन कुछ ही घंटे के बाद 'चौकीदार' शब्द वापस जुड़ गया। माना जा रहा है कि, भाजपा से कोई आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने ये फैसला किया होगा।
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से उनका टिकट काटकर गायक हंस राज हंस को उम्मीदवार बनाया गया है। ताजा हालात देखते हुए भाजपा से उदित राज की विदाई लगभग तय मानी जा रही थी। उन्होंने सुबह ही एलान कर दिया था कि अगर उन्हें भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो वो पार्टी छोड़ देंगे।