2019 लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले ही देशभर में ईवीएम गड़बड़ी, विसंगति और मशीन बदलने की आशंकाओं का मुद्दा गर्मा गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार में ईवीएम बदलने के मामले सामने आए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग यूपी के विभिन्न जिलों से ईवीएम को लेकर आई विसंगतियों को खारिज कर चुका है। वहीं, अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी ईवीएम को लेकर विपक्ष के आरोपों और ईवीएम जालसाजी की आशंकाओं का जवाब देने को लेकर इस पूरे मामले में कूद चुके हैं। नीतीश कुमार का कहना है कि पहले भी कई बार ईवीएम को लेकर इस तरह के आरोप लगाए गए हैं, यह नया मामला नहीं है।
'ईवीएम से आई है चुनाव में पारदर्शिता'
नीतीश कुमार ने न्यूज एजेंसी 'एएनआई' से बातचीत करते हुए कहा कि ईवीएम के आने के बाद चुनाव में पारदर्शिता आई है। यह एक ऐसी तकनीक है जिस पर पहले भी कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं और चुनाव आयोग इन सभी सवालों का जवाब दे चुका है। नीतीश कुमार ने कहा कि जो गुट चुनाव हार रहा है वे ही इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन में विसंगति का सवाल उठा रहे हैं। यह नया मामला नहीं है। बता दें कि सबसे पहले बिहार में ही ईवीएम अदला-बदली के आरोप सामने आए थे। आरजेडी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर ईवीएम बदलने के आरोप लगाए थे।
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नीतीश कुमार ने धारा 370 को लेकर कही ये बात
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि धारा 370 को लेकर कोई अंतर्विरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि धारा 370 नहीं हटनी चाहिए। नीतीश कुमार ने कहा कि अयोध्या विवाद को लेकर भी अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद- अयोध्या विवाद आपसी सहमति से सुलझना चाहिए। हम यह बात तब से कह रहे हैं जब से हमने सबसे पहले भाजपा के साथ गठबंधन किया था। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार धारा 370 को लेकर भाजपा से अलग राय रखते हुए नजर आए हैं। करीब दो दिन पहले भी नीतीश कुमार इस बात को कह चुके हैं कि मेरी पार्टी धारा 370 को हटाने के पक्ष में नहीं है।
नीतीश कुमार ने कहा कि धारा 370 को लेकर भारतीय जनता पार्टी का स्टैंड नया नहीं है। भाजपा का जम्मू-कश्मीर की धारा 370 को लेकर एक पार्टी के तहत अपना अलग विचार है, लेकिन जब गठबंधन की बात आती है तो इन सब बातों को लेकर विचार होता है। इसलिए, इसे लेकर कोई समस्या नहीं है।