कांग्रेस का कहना है कि 23 मई की शाम को जब चुनाव के नतीजे आएंगे तो सरकार बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में यूपीए की बैठक होगी। पार्टी नेता आनंद शर्मा ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि यूपीए का कौन नेता क्या बोल रहा है। किस पार्टी के साथ कांग्रेस का गठबंधन है या नहीं, ये भी मायने नहीं रखता। चुनावी नतीजों के बाद आप देखेंगे कि यूपीए पूरी तरह एकजुट है। और हां, आपने नोट किया होगा कि जैसे-जैसे चुनाव का अंतिम चरण निकट आ रहा है, मोदी जी और उनके नेताओं की बौखलाहट बढ़ती जा रही है।
उन्होंने कहा कि मोदी जी और उनके मंत्री रोजगार, बाजार, खेती-किसानी और अपराध, सब भूल कर सेना पर आ गए हैं। सत्ता हाथ से जाते देखे अब वे सेना का राजनीतिकरण करने लग गए हैं। कांग्रेस पार्टी इतने लंबे समय तक सत्ता में रही, कोई एक आदमी बता दे कि हमने कभी सत्ता के लिए सेना का इस्तेमाल किया हो।
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और चुनावी रणनीतिकार
आनंद शर्मा ने
अमर उजाला डॉट कॉम के साथ एक विशेष मुलाकात में अपने मन की बात कही है। क्या देश में इस वक्त राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद ही दो प्रमुख मुद्दे बचे हैं, इस सवाल के जवाब में शर्मा ने कहा, क्या करें मोदी जी के पास और कुछ बचा ही नहीं है। देश में रोजगार की स्थिति क्या है, कोई नहीं जानता। निवेश का क्या हाल है, कुछ नहीं पता। आरबीआई के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास हुआ, किसानों की हालत किसी से छिपी नहीं है, अर्थव्यवस्था कैसे-कैसे झटके खा रही है, इन सब विषयों पर बोलें मोदी जी। वे सामने आएं और इन असली मुद्दों पर देश के सामने अपनी राय रखें।
वे भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा करते हैं, दूसरी ओर राफेल सहित दर्जनों मामले देश के सामने हैं, जिनमें सीधा एवं स्पष्ट भ्रष्टाचार नजर आ रहा है।कोई उनसे पूछ ले तो 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाली कहावत बताने लगते हैं। हम बचपन से सुनते आए हैं कि झूठ की एक सीमा होती है, मगर यहां तो कोई सीमा ही नहीं है। मोदी जी कहते हैं कि आतंकवाद की घटनाएं कम हो रही हैं। उन्हें कोई बताए कि 2014 से लेकर अब तक ऐसी कितनी घटनाएं हो चुकी हैं। अनपढ आदमी भी गिना देगा।
हाफिज सईद और रहमान लखवी पर भी लगा था प्रतिबंध
शर्मा ने कहा, मोदी जी चाहें तो वे कारगिल, मसूद अजहर, उरी, पठानकोट, गुरदासपुर, नगरोटा और पुलवामा जैसे कई दूसरे आतंकी हमलों की बाबत शर्म कर सकते हैं। और हां, मोदी जी के वे मंत्री भी सुन लें जो यह कह रहे हैं कि मोदी के चलते आतंकवादी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगे हैं। वित्त और रक्षा विभाग देखने वाले इन मंत्रियों को शायद मालूम नहीं है कि मुंबई हमले के दो सप्ताह के भीतर हाफिज सईद और रहमान लखवी को यूएन ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया था।
कांग्रेस पार्टी की बोलने की आदत नहीं रही, इसलिए जनता को भी ये बातें मालूम नहीं चली। तत्कालीन पीएम डॉ. मनमोहन सिंह बोले तक नहीं। उनके समय में कितनी बार सर्जिकल स्ट्राइक हुई, लेकिन उन्होंने एक शब्द तक नहीं कहा। वो इसलिए कि वे सेना का राजनीतिकरण करने के खिलाफ रहे हैं।