लोकसभा ने बुधवार को अचल संपत्ति संशोधन बिल को मंजूरी दे दी। इसमें यह प्रावधान किया गया है कि केंद्र सरकार सुरक्षा उद्देश्यों के लिए अचल संपत्ति के अधिग्रहण के बारे में संपत्ति के मालिक को पुन: नोटिस जारी कर सकेगी ताकि उसे अपनी बात रखने का मौका मिल सके। इस बिल को शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने निचले सदन में पेश किया जिसे ध्वनि मत से स्वीकार कर लिया गया। इस बिल पर बहस के दौरान जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा देना सरकार की जिम्मेदारी है और वह उचित मुआवजा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
जमीन अधिग्रहण में गरीबों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इस बिल में पहले भी 11 संशोधन हो चुके हैं। यह 12 संशोधन सीमित और विशेष उदेश्य के लिहाज से लाया गया है। इस विधेयक के जरिए किए जा रहे संशोधन का मकसद सिर्फ रक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा कब से दिया जाय यह तय करना है।
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चर्चा में भाग लेते हुए सीपीआई (एम) के नेता मोहम्मद सलीम ने कहा कि सरकार जमीनों को अधिग्रहित करने के लिए टुकड़ों में कानून लाने की कोशिश कर रही है जबकि भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा के अधिकार को लेकर संयुक्त संसदीय समिति में पुनर्वास (संशोधन) विधेयक 2015 लंबित है।