आईआईटी-खड़गपुर के हॉस्टल में एक 31 वर्षीय शोध छात्र का शव कमरे के अंदर लटका हुआ पाया गया है। युवक की लॉकडाउन होने से पहले ही शादी हुई थी। वह यातायात बंद हो जाने के कारण अपनी पत्नी व माता-पिता के पास अपने गृह नगर नहीं लौट पाया था।
आईआईटी परिसर में अधिकतर छात्रों के लॉकडाउन से पहले ही अपने-अपने घर चले जाने के कारण फिलहाल सन्नाटा छाया हुआ है। हॉस्टल में भी कम ही छात्र रह रहे हैं। राव के दोस्तों ने बताया कि उसने 2015 में शोध प्रोजेक्ट के लिए आईआईटी में प्रवेश लिया था और अब उसका काम लगभग खत्म होने जा रहा था। उन्होंने बताया कि राव बेहद हंसमुख किस्म का छात्र था, जिसे सभी साथी और शिक्षक पसंद करते थे।
आईआईटी खड़गपुर के निदेशक वीके तिवारी ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखते हुए हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को तनाव से बचने के लिए अपने दोस्तों से संपर्क बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लिखा, उन बाधाओं से परे देखो, जो इस समय आपके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण अध्याय की तरह प्रतीत हो सकती हैं।
लेकिन यदि आप लंबे समय तक अपने जीवन की कल्पना करने में सक्षम हैं, तो ये केवल स्पीडब्रेकर हैं। उन्होंने आगे लिखा, आप हम तक, अपने फैकल्टी सुपरवाइजरों तक, काउंसलिंग सेंटर तक पहुंचिए। अपने दोस्तों, परिजनों, वरिष्ठों, जूनियरों से बात कीजिए, ये सब आपसे महज एक कदम दूर हैं।