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सेंट्रल सिविल सर्विस रूल्स के तहत किसी भी 'कार्रवाई' में नहीं होगी लॉकडाउन पीरियड की गिनती

Tue, 09 Jun 2020 05:06 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सेंट्रल सिविल सर्विस (सीसीए) रूल्स 1965, सीसीएस (पेंशन) रूल्स 1972 के तहत कई तरह की कार्रवाई होती हैं। ये सभी कार्रवाई रिपोर्ट एक तय समय सीमा के भीतर जमा करानी पड़ती हैं...
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Department of personnel training DOPT - फोटो : फाइल (सांकेतिक)
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विस्तार
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कोरोना लॉकडाउन के चलते सेंट्रल सिविल सर्विस (सीसीए) रूल्स 1965, सीसीएस (पेंशन) रूल्स 1972 के तहत किसी भी 'कार्रवाई' में लॉकडाउन पीरियड नहीं गिना जाएगा।

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चूंकि इन नियमों के तहत जो भी कार्रवाई होती है, उसके पूरा होने का एक तय समय होता है। विभाग को हर सूरत में वह काम निर्धारित समयावधि में ही पूरा करना पड़ता है।

भारत सरकार के कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने कोरोना के लॉकडाउन की वजह से यह नई व्यवस्था की है।

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सेंट्रल सिविल सर्विस (सीसीए) रूल्स 1965, सीसीएस (पेंशन) रूल्स 1972 के तहत कई तरह की कार्रवाई होती हैं। ये सभी कार्रवाई रिपोर्ट एक तय समय सीमा के भीतर जमा करानी पड़ती हैं।

जैसे बर्खास्तगी मामले के आदेश की समीक्षा, चार्जशीट के दौरान लिखित स्टेटमेंट जमा कराना, किसी अनुशासनिक अथॉरिटी द्वारा जब किसी कर्मी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया जाता है, तो उस स्थिति में चार्जशीट जारी करना, जांच पूरी कर संबंधित अथॉरिटी के पास रिपोर्ट जमा कराना, पेंशन के ऐसे मामले में जांच करना जो चार साल पहले सामने आया हो और स्वेच्छिक रिटायरमेंट के लिए नोटिस स्वीकार करना, इन सभी मामलों में जो भी गतिविधि होती हैं, उसका एक निर्धारित समय होता है।

जैसे कोई जांच करनी है तो उसके लिए दो माह, तीन माह या उससे भी ज्यादा का समय दिया जा सकता है। यह केस की जटिलता और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।


24 मार्च को जब लॉकडाउन शुरू हुआ तो केंद्र सरकार के तकरीबन हर विभाग में इस तरह के मामले चल रहे थे। मार्च में अनेक मामलों की जांच रिपोर्ट 25 दिन, एक माह, तीन माह या उससे ज्यादा की अवधि में पूरी करने के लिए कहा गया था।

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उसके बाद लॉकडाउन लग गया। ऐसे में जांच कार्य बीच में ही रुक गया। बहुत से ऐसे केस भी रहे हैं, जिनमें 20-25 दिन बाद जांच रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन वह भी कोरोना के चलते संभव नहीं हो सका।

इसके लिए ये आदेश जारी किए गए हैं कि उस जांच कार्य के लिए संबंधित अथॉरिटी या अधिकारी को पहले जितने दिन ही मिलेंगे। जैसे ही लॉकडाउन खत्म होगा, तब से वह समय शुरू हो जाएगा।

इसी तरह डायरेक्ट रिक्रूटमेंट और डेपुटेशन से जुड़े मामलों में भी लॉकडाउन पीरियड काउंट नहीं होगा।

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