महाराष्ट्र सरकार ने कल यानि सोमवार से राज्य में फंसे लोगों की मदद के लिए राज्य के अंदर मुफ्त बस सेवा की शुरुआत करने का फैसला किया है। ये बसें राज्य के अंदर ही अन्य जिलों में फंसे लोगों को उनके गृह जिले तक लेकर जाएंगी। इस बात की जानकारी महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने शनिवार को दी।
राज्य परिवहन बस सेवा मांग के आधार पर संचालित की जाएगी। इसको लेकर जारी एक बयान में कहा गया है कि बस उन यात्रियों को लेकर जाएंगी जो किसी अन्य शहर में अनजाने में फंस गए हैं और मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। बता दें कि इन लोगों को इस यात्रा के लिए संबंधित नोडल अधिकारी (डिप्टी कमिश्नर) से इसकी अनुमति लेनी होगी।
- एक बस में केवल 22 लोगों को बैठने की मिलेगी अनुमति
वहीं बयान में यह भी कहा गया है कि अन्य जगहों पर, जो लोग अपने घर जाना चाहते हैं, उन्हें राज्य के कलेक्टर/ तहसीलदार से अनुमति हासिल करनी होगी। ऐसे 22 लोगों की एक लिस्ट संबंधित नोडल अफसर के पास जमा की जाएगी और उसी के मुताबिक एक बस का प्रबंध किया जाएगा।
- व्यक्तिगत स्तर पर यात्रा करना चाहते हैं उन्हें पोर्टल पर जाकर लेनी होगी अनुमति
इसमें यह भी कहा गया है कि जो लोग व्यक्तिगत स्तर पर यात्रा करना चाहते हैं उन्हें पोर्टल पर जाकर अनुमति लेनी होगी, जो कि सोमवार से शुरू हो जाएगा। अनुमति मिलने के बाद, ऐसे लोग अपनी जानकारी के साथ ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे। साथ ही अनुमति मिल जाने पर उसे अपलोड कर सकेंगे। जब ऐसे 22 लोग हो जाएंगे तो उनके लिए भी एक बस का इंतजाम किया जाएगा।
- एक सीट पर बैठेगा केवल एक व्यक्ति
परब ने यह भी बताया कि एक सीट पर सिर्फ एक ही व्यक्ति को बैठने की अनुमति होगी और हर यात्री को मास्क पहनना होगा और बस पर सवार होने से पहले अपने हाथ साफ करने होंगे। बसों को भी सैनिटाइजर का छिड़काव कर कीटाणुमुक्त किया जाएगा और सामाजिक दूरी से जुड़े सभी नियमों का यात्रा के दौरान पालन करना होगा।
- खाने-पीने की दुकान पर नहीं रुकेगी बस, खाने का प्रबंध खुद ही करना होगा
सुरक्षा को देखते हुए ये बसें किसी भी खाने की दुकान पर नहीं रुकेंगीं और यात्रियों को अपने खाने का प्रबंध खुद ही करना होगा।
- कंटेनमेंट जोन में रहने वालों को नहीं मिलेगा सेवा का लाभ
हालांकि मंत्री ने यह भी बताया कि जो लोग वर्तमान में कंटेनमेंट जोन में रह रहे हैं, वे इस सेवा का लाभ नहीं उठा सकेंगे।