वंदे भारत मिशन के तीसरे दिन शनिवार को ब्रिटेन, बांग्लादेश, मलयेशिया और खाड़ी देशों से करीब 900 भारतीय नागरिकों को लेकर विमान स्वदेश लौटे। इन सभी को भुगतान आधार पर विदेशों से लाया जा रहा है। करीब 250 छात्रों और पर्यटकों के पहले जत्थे को लेकर एयर इंडिया की फ्लाइट ने लंदन से दोपहर करीब 12 बजे उड़ान भरी। यात्रियों को विमान में बैठाने से पहले स्क्रीनिंग की गई।
ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत नौसेना का आईएनएस जलश्व युद्धपोत मालदीव के माले बंदरगाह से 698 भारतीयों को लेकर रविवार को कोच्चि बंदरगाह पहुंचेगा। पोत शुक्रवार रात को माले बंदरगाह से रवाना हुआ था। आईजीपी विजय सखारे ने बताया कि पोत में केरल के 431 लोग, तमिलनाडु के 132 लोग सवार हैं। इसके अलावा गोवा, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और लक्षद्वीप के भी यात्री सफर कर रहे हैं। बंदरगाह पर पहुंचने के बाद यात्रियों का कोरोना टेस्ट होगा और 14 दिन के लिए इन्हें क्वारंटीन रखा जाएगा।
ब्रिटेन में फंसे भारतीयों को लाने के लिए वंदे भारत मिशन का पहला विमान ने शनिवार को हीथ्रो एयरपोर्ट से उड़ान भरी। करीब 250 भारतीय छात्रों और पर्यटकों को लेकर आ रहा यह विमान रविवार सुबह मुंबई में लैंड करेगा।
यह विमान ब्रिटेन में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए भारत सरकार द्वारा लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से भारत के छह शहरों तक उड़ान के लिए तय किए गए सात विमानों में से पहला है। इनमें दो विमान मुंबई के लिए उड़ान भरेंगे, जिनमें से एक शनिवार को उड़ान भर चुका है और दूसरा मंगलवार को उड़ान भरेगा।
इसके अलावा अन्य विमानों में एक-एक विमान रविवार को बंगलूरू के लिए, सोमवार को हैदराबाद के लिए, बुधवार को अहमदाबाद के लिए, गुरुवार को चेन्नई के लिए और शुक्रवार को नई दिल्ली के लिए हीथ्रो एयरपोर्ट से उड़ान भरेगा।
ब्रिटेन से भारतीयों को लाने वाला एयर इंडिया का पहला विमान मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार-रविवार की रात 1.30 बजे लैंड करेगा। यहां सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी और क्वारंटीन में भेजा जाएगा।