सीएम विजय रूपाणी ने कहा, मौसम विभाग के मुताबिक तूफान वायु जो गुजरात से टकराने वाला था अब ओमान की तरफ मुड़ चुका है। लेकिन अभी भी 24 घंटे तक हाई अलर्ट रहेगा। 10 जिलों के स्कूल कल बंद रहेंगे।
एनडीआरएफ की टीम ने शियालबेट से एक गर्भवती महिला को जाफराबाद के अस्पताल पहुंचाया।
पश्चिम रेलवे ने नौ और ट्रेनें रद्द कीं।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का कहना है कि पूर्वोत्तर और आसपास के पूर्वी अरब सागर के ऊपर बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान वायु का खतरा है। उसने गुजरात के तटीय इलाकों के लिए ऑरेंज मैसेज जारी किया है। ऑरेंज मैसेज उस श्रेणी की मौसम स्थिति के लिए जारी किया जाता है जो प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने की क्षमता रखता है। इसका मतलब होता है कि प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को आने वाली परिस्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि चक्रवात ‘वायु’ के रास्ता बदल लेने और इसके गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं होने के बावजूद इस राज्य के तटीय क्षेत्रों के लिए तूफान की गंभीरता एक खतरा बनी हुई है। अधिकारी ने कहा कि तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और बारिश का खतरा जस का तस बना हुआ है। तूफान का मध्य भाग गुजरात तट से थोड़ा दूर हो गया है, लेकिन इसका व्यास 900 किलोमीटर से अधिक का है।
मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात ‘वायु’ ने अपना रास्ता बदल लिया है और अब इसके गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है, लेकिन इसके प्रभाव के चलते राज्य के कई तटीय जिलों में भारी बारिश होगी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने कहा, 'वायु' तट से टकराने की संभावना नहीं है। यह केवल तट के किनारे से गुजरेगा। इसके मार्ग में हल्का बदलाव आया है। लेकिन, इसका प्रभाव वहां होगा, तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी।
गुजरात सरकार के राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज कुमार ने कहा, 'सरकार चक्रवाती तूफान वायु के लिए सरकार की सतर्कता उसी तीव्रता के साथ जारी है। लोगों को रहने के लिए आश्रय गृहों में भेजा गया है। लोग सुरक्षित स्थानों पर ही रहेंगे। उनकी तैयारी उसी स्तर पर जारी रहेगी।'
चक्रवाती तूफान वायु ने अपनी दिशा बदल ली है और अब वह गुजरात के तय से नहीं टकराएगा। गुरुवार को यह बात भारतीय मौसम विभाग ने कही। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में सचिव एम राजीवन ने पीटीआई को बताया, 'वायु गुजरात के तटीय इलाकों से नहीं टकराएगा। यह केवल उसके छोर को छूकर निकल जाएगा। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण वहां उसका प्रभाव नजर आएगा।' आईएमडी के अतिरिक्त महानिदेशक देवेंद्र प्रधान ने कहा कि चक्रवात समुद्र में रहेगा और गुजरात तट के समानांतर चलेगा।
चक्रवाती तूफान वायु के मद्देनजर पोरबंदर में एनडीआरएफ की छह टीमें अलर्ट पर हैं। 30 सदस्यों को चौहट्टी बीच पर स्टैंडबाय में रखा गया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार वायु गुजरात तट से नहीं टकराएगा लेकिन यह तटीय जिलों को प्रभावित करेगा।
भारतीय मौसम विभाग की वैज्ञानिक मनोरमा मोहंती का कहना है कि चक्रवाती तूफान वायु गुजरात से नहीं टकराएगा। यह वेरावल, पोरबंदर, द्वारका को छूकर निकल जाएगा। इसका असर तटीय क्षेत्रों पर दिखेगा क्योंकि हवाओं की तेज गति होगी और साथ ही भारी बारिश भी होगी।
चक्रवाती तूफान के कारण पश्चिमी रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द और कईयों के रास्ते बदल दिए हैं। तूफान की वजह से 110 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा संभावित नुकसान और यात्रियों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए पांच हवाई अड्डों पर विमानों का संचालन बुधवार रात से गुरुवार आधी रात तक के लिए हवाई अड्डों से विमानों का संचालन बंद कर दिया गया है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान वायु के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा वह सौराष्ट्र तट पर अमरेली, गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर, राजकोट, जामनगर, देवभूमि द्वारका और कच्छ के जिलों को प्रभावित करेगा। यहां 13 जून को 155-165 किलोमीटर से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
चक्रवाती तूफान वायु के दौरान लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन और एनडीआरएफ ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। एनडीआरएफ का हेल्पलाइन नंबर- 91-9711077372 है। इसके अलावा तूफान प्रभावित जिलों के लिए हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं- जामनगर कंट्रोल रूम नंबर- 0288-2553404, द्वारका कंट्रोल रूम नंबर- 02833-232125, पोरबंदर कंट्रोल रूम नंबर- 0286-2220800, दाहोद कंट्रोल रूम नंबर- 02673-239277, नवसारी कंट्रोल रूम नंबर- 02637-259401, पंचमहल कंट्रोल रूम नंबर- +912672242536, छोटा उदयपुर कंट्रोल रूम नंबर- +912669233021, कच्छ कंट्रोल रूम नंबर- 02832-250080, राजकोट कंट्रोल रूम नंबर- 0281-2471573 और अरावली कंट्रोल रूम नंबर- +912774250221
गुजरात के राजकोट में विभिन्न समूह चक्रवाती तूफान वायु के मद्देनजर खाने के पैकेट बना रहे हैं। सरकारी अधिकारियों के निर्देशानुसार खाने के यह पैकेट राज्य के तूफान प्रभावित इलाकों में भेजे जाएंगे।
गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित सोमनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार की छत तेज हवाओं के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है।
अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान वायु गुजरात के तट से टकराने वाला है। इसके मद्देनजर सरकार ने युद्ध स्तर पर तैयारियां की हुई हैं और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। तूफान प्रभावित इलाकों में रहने वाले तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। तूफान के खतरे को देखते हुए 80 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इसके अलावा हवाई अड्डों पर एहतियातन विमान परिचालन को रोकने का फैसला लिया गया है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार दोपहर को तूफान गुजरात के तट से टकराएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने भी हालात पर बराबर नजर रखी हुई है।