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राहुल गांधी बोले, अब गांव-शहर में लोग बोल रहे 'अरहर मोदी, अरहर मोदी'

Thu, 28 Jul 2016 05:34 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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राहुल गांधी - फोटो : Getty
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी के चुनावी भाषण का जिक्र करते हुए उनके दावों पर निशाना साधा। महंगाई पर नरेंद्र मोदी के भाषणों का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा कि मोदी जी कहते थे, 'गरीब के घर में चूल्हा नहीं जलता। मां-बेटे रात भर रोते रहते हैं.वाह! क्या लाइन थी। लेकिन अब महंगाई पर लगाम लगाना भूल गए।'
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सदन में नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा एनडीए की सरकार अपनी सालगिरह का जश्न 'हैप्पी बर्थडे' मनाती है लेकिन महंगाई का जिक्र तक नहीं करती। राहुल गांधी ने महंगाई पर एनडीए और यूपीए सरकार की तुलना करते हुए कहा, ' मोदी जी कहा था कि मुझे प्रधानमंत्री नहीं, चौकीदार बनाओ। तीन-तीन बार अध्यादेश पेश किए गए, मोदीजी की नाक के नीचे जमीन छीनने की कोशिश की गई और चौकीदार देखता रहा।' राहुल गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार ने किसानों का हजारों करोड़ रुपए माफ किए लेकिन एनडीए सरकार जमीन छीनने की कोशिश करती रही।

कांग्रेस सांसदों की तालियों के बीच राहुल गांधी ने सदन में जोरदार तरीके से मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अरहर की दाल की बढ़ती कीमतोंं के मामले पर केंद्र सरकार की खूब आलोचना की।सदन में राहुल ने कहा, 'मैं मोदी जी से सिर्फ एक बात बोलना चाहता हूं कि स्टार्टअप, ओके बाय बाय ...जो करना है करिए, लेकिन इस हाउस को आप वह डेट, वह तारीख दे दीजिए, जब मार्केट में दाल आलू-टमाटर के दाम कम हो जाएंगे। अरहर की दाल के भाव आसमान छू रहे हैं, गांव शहर के लोग बोल रहे हैं अरहर मोदी- अरहर मोदी।'
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वित्त मंत्री ने महंगाई पर दिया राहुल गांधी को जवाब

अरुण जेटली - फोटो : PTI
महंगाई के मुद्दे पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में सरकार का पक्ष रखा। महंगाई पर चर्चा के दौरान जेटली ने सदन में कहा कि यूपीए शासन में नीतियां लकवाग्रस्त खराब थी।  पिछली सरकार महंगाई डबल डिजिट में छोड़कर गई थी। 
 
 जेटली ने कहा कि महंगाई घटाने के प्रयास किए जा रहे हैं और थोक महंगाई घटी है। दाल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के राहुल गांधी के आरोपों पर पटवार करते हुए जेटली ने कहा कि दाल की कीमत चिंता का विषय है लेकिन महंगाई कम करने की तारीख नहीं, बल्कि इसे कम करने की नीतियों को बताना जरूरी है। 

जेटली ने कहा कि पिछले साल बारिश में 12-14 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई थी। जेटली ने कहा, ' हमने दाल की पैदावार बढ़ाने के लिए नीतियों में बदलाव किया है।' जेटली ने कहा कि सारी दुनिया में मंदी है लेकिन हम फिर भी बेहतर स्थिति में हैं।  
 
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