असम में कार्बी-आंग्लांग जिले की एक अदालत ने साढ़े छह साल पहले एक छात्र की पीट-पीट कर हत्या के मामले में सभी 12 अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा सभी अभियुक्तों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जिला सत्र न्यायालय ने इससे पहले इन सभी को हत्या का दोषी करार दिया था।
ध्यान रहे कि 25 जून, 2013 को किराए पर विवाद के बाद कुछ आटो रिक्शा चालकों ने 16 साल के झंकार और उसके वकील पिता हरेन सैकिया की पिटाई की थी। आरोप है कि उस समय मौके पर मौजूद होने के बावजूद पुलिस ने इन दोनों को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया।
गंभीर रूप से घायल उक्त किशोर ने जुलाई 2013 में एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया था। मार्च, 2018 में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई। सजा सुनाए जाने के बाद बचाव पक्ष के वकील मानस सरनिया ने सजा पर असंतोष जताते हुए इसे गुवाहाटी हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।