कस्बे से कुछ किलोमीटर दूर बिहारीपुरवा गांव के पास बाघिन ने एक अधेड़ को अपना निवाला बना लिया। यह व्यक्ति रविवार की शाम खेत से भूसा लाने के लिए घर से निकला था, लेकिन रात भर नहीं लौटा।
सोमवार की सुबह ग्रामीण उसे तलाशते हुए जंगल की तरफ गए उसके अधखाए शव के पास बाघिन और उसके दो शावकों को मौजूद देखकर उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों ने हिम्मत करके पहले बाघिन को खदेड़ा और फिर शव को अपने कब्जे में लिया।
पलिया से कुछ किलोमीटर दूर गांव बिहारीपुरवा में रहने वाले 50 वर्षीय किसान अंजनी जंगल से सटे खेतों की ओर भूसे की तलाश में रविवार की शाम करीब चार बजे घर से निकले थे लेकिन फिर रात भर घर वापस नहीं लौटे।
घरवालों के तलाश करने के बावजूद अंजनी का कुछ पता नहीं चला। सोमवार की सुबह तमाम ग्रामीणों के साथ घरवाले फिर उन्हें खोजने निकले। लोग उन्हें बिहारीपुरवा गांव के आसपास ढूंढ रहे थे तभी एक खेत के पास जंगल में करीब 100 मीटर अंदर उन्होंने एक बाघिन दो शावकों के साथ बैठे देखा। पास में ही अंजनी का अधखाया शव पड़ा हुआ था।
यह जंगल दुधवा पार्क क्षेत्र का है। बाघिन और उसके शावक शव के पेट और जांघों से घुटनों तक का हिस्सा खा चुके थे। शोर मचाने पर बाघिन अपने शावकों के साथ वहां से हटी तो ग्रामीण अंजनी के शव को जंगल से निकालकर बाहर लाए। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मौके पर पड़ताल के बाद अंजनी के घरवालों को जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
एक व्यक्ति को बाघिन के निवाला बनाए जाने की खबर से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई है। गांव वालों का कहना है कि बाघिन आदमखोर हो गई है। वन विभाग का कहना है कि पड़ताल किए बगैर बाघिन को आदमखोर घोषित नहीं किया जा सकता।