विपक्ष के नेता अजित पवार ने बुधवार को सह्याद्री गेस्ट हाउस में महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। करीब एक घंटे हुई तीनों के बीच मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
अजित पवार भाजपा का करते आए समर्थन
हाल ही में राकांपा प्रमुख शरद पवार और अजित पवार ने ऐसे बयान दिए जो भाजपा के पक्ष में नजर आए। अदाणी मामले में शरद पवार की टिप्पणी ने मीडिया का सबसे अधिक ध्यान खींचा, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार व्यवसायी गौतम अदाणी और उनके व्यापारिक समूह के खिलाफ सवाल उठाते रहे हैं। टीवी चैनल से बातचीत करते हुए एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अदाणी का समर्थन किया था। दूसरी तरफ अजित पवार अब तक प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी जीत और डिग्री विवाद को लेकर कांग्रेस-शिवसेना उद्धव बालासाहेब के रुख से उलट बयान दे चुके हैं।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर पवार ने कहा था कि ऐसा लगता है कि अदाणी समूह पर विदेशी फर्म हिंडनबर्ग को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया। बिना यह सोचे-समझे कि इससे देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा। मुझे ऐसा लगता है कि हिंडनबर्ग ने देश के एक औद्योगिक संस्थान को निशाना बनाया गया है। किसी ने इस फर्म का इस विवाद से पहले नाम नहीं सुना। मामले के कई पक्ष हैं। सभी पक्षों पर ध्यान देने की जरूरत है। विदेशी फर्म के अदाणी समूह पर आरोप के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अपनी निगरानी में जांच कमेटी बनाई। इसमें सेवानिवृत्त जज भी हैं। शीर्ष अदालत ने समयबद्ध रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। इसके बाद जेपीसी गठन की मांग की आवश्यकता नहीं है।
संजय राउत ने उठाए सवाल
ईडी ने एमएससीबी घोटाले के मामले में पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिसमें अजित पवार और उनकी पत्नी का नाम शामिल नहीं किया, जिससे कुछ राजनीतिक अटकलें और प्रतिक्रियाएं भी हुईं। एमएससीबी घोटाले मामले में ईडी ने एक कंपनी के स्वामित्व वाली संपत्ति को कुर्क किया था जिसमें अजित पवार और उनकी पत्नी शेयरधारक हैं। ईडी द्वारा चार्जशीट में अजित पवार और उनकी पत्नी का नाम हटाये जाने पर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने बुधवार को कहा, इसका साफ मतलब है कि आपने (बीजेपी) ईडी और सीबीआई का गलत इस्तेमाल किया। जांच शुरू की और उन्हें परेशान किया। उनके परिवार और रिश्तेदारों के यहां छापा मारा। अब चार्जशीट में उनके खिलाफ कुछ भी नहीं मिला है। यह स्पष्ट है कि इस मामले में भी ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग हुआ है।