कांग्रेस नेता राहुल गांधी के गुप्त विदेश दौरों को अक्सर निशाना बनाने वाली भाजपा सरकार के एक सांसद ने मांग की है कि सभी सांसदों को विदेश दौरों का ब्योरा दिया जाना अनिवार्य किए जाने के लिए एक कानून बनाने की वकालत की है। इसमें विदेश दौरे के ब्योरे के साथ-साथ पैसों के स्रोत और खर्चों की भी जानकारी देना अनिवार्य किया जाना चाहिए।
भाजपा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने इस संबंध में एक निजी विधेयक जन प्रतिनिधित्व संशोधन अधिनियम राज्यसभा में पेश किया है। विधेयक में कहा गया है विदेशी सरकारों या संस्थानों से किसी भी तरीके से सत्कार हासिल करने के बारे में पूरा ब्योरा राज्यसभा के सभापति या लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष अनिवार्य तौर पर उजागर किया जाना चाहिए।
इसके लिए विदेशी योगदान नियमन अधिनियम के सेक्शन 9 के तहत केंद्र सरकार से पहले अनुमति लेनी जरूरी नहीं होनी चाहिए। राव ने अपने इस विधेयक में बताया है कि 2017 में सांसदों को अपने विदेश दौरों का ब्योरा देने के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए थे।
संसदीय कार्य मंत्रालय ने जुलाई, 2019 में सांसदों को इस संबंध में सूचना भी दी थी, मगर ज्यादातर सांसदों ने इस दिशानिर्देश का पालन नहीं किया। ऐसे में इस बारे में कानून बनाया जाना चाहिए।