उच्च स्तरीय समिति ने हाल ही में अपनी पहली बैठक में राजनीतिक दलों की राय जानने का फैसला किया था और अब उन्होंने देश में एक साथ चुनाव कराने पर उनकी राय जानने के लिए उन्हें पत्र लिखा है। सूत्रों ने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को भेजे पत्र में उसने 'परस्पर सहमति वाली तारीख' पर उनके साथ बातचीत की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पार्टियों को अगले तीन महीनों में लिखित में अपने विचार भेजने का विकल्प भी दिया गया है। न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी की अध्यक्षता वाला विधि आयोग कार्यकाल बढ़ाकर या घटाकर सभी विधानसभा चुनावों को समन्वित करने के फार्मूले पर काम कर रहा है, ताकि ये चुनाव 2029 के लोकसभा चुनाव के साथ कराए जा सकें।
विधि आयोग लोकसभा, विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के लिए एक समान मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र तैयार कर रहा है ताकि लागत और मानवशक्ति (मैनपावर) के इस्तेमाल को कम किया जा सके। 2029 से राज्य और लोकसभा दोनों के चुनाव एक साथ कराने के लिए विभिन्न विधानसभा चुनावों को समन्वित करने के लिए आयोग विधानसभाओं के कार्यकाल को कम करने या बढ़ाने का सुझाव दे सकता है।
यह सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र तैयार किया जा रहा है कि एक बार लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने के बाद मतदाता दोनों चुनावों के लिए अपना वोट डालने के लिए केवल एक बार मतदान केंद्र पर जाएं। सूत्रों ने बताया कि चूंकि विधानसभा और संसदीय चुनाव चरणों में होते हैं, इसलिए आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए उन तौर-तरीकों पर काम कर रहा है कि मतदाता दोनों चुनावों के लिए एक से अधिक बार मतदान केंद्रों पर न जाएं।
उन्होंने कहा कि आयोग का मानना है कि विधानसभा और संसदीय चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं और वह इस विशाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए तौर-तरीकों पर काम कर रहा है।