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Kapil Sibal: राजद्रोह कानून का समर्थन करने वाली विधि आयोग की सिफारिशें लोकतंत्र के खिलाफ, बोले सिब्बल

Sat, 03 Jun 2023 10:52 AM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kapil Sibal: सिब्बल ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "मैं इन सिफारिशों से परेशान हूं। ये सिफारिशें स्वयं गणतंत्र के लोकाचार के विपरीत हैं। वे गणतंत्र के सार के विपरीत हैं, वे गणतंत्र की नींव के विपरीत हैं।
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Kapil Sibal - फोटो : Social Media
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विस्तार
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राज्यसभा सदस्य और पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि राजद्रोह कानून का समर्थन करने वाली विधि आयोग की सिफारिशें गणतंत्र के लोकाचार और नींव के विपरीत हैं। आयोग ने राजद्रोह के अपराध के लिए दंडात्मक प्रावधान को बरकरार रखने का प्रस्ताव करते हुए कहा है कि इसे पूरी तरह से निरस्त करने से देश की सुरक्षा और अखंडता पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं।

 

सिब्बल ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "मैं इन सिफारिशों से परेशान हूं। ये सिफारिशें स्वयं गणतंत्र के लोकाचार के विपरीत हैं। वे गणतंत्र के सार के विपरीत हैं, वे गणतंत्र की नींव के विपरीत हैं।

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वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, "उन्होंने सरकार का दर्जा ऐसे दिया है जैसे सरकार ही राज्य हो। सरकार लोगों की इच्छा से स्थापित होती है; यह राज्य का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। यह राज्य के लिए काम करता है। यह एक ऐसा कानून है जो अवधारणात्मक रूप से दोषपूर्ण है।"

न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता वाले विधि आयोग ने राजद्रोह के अपराधों के लिए न्यूनतम जेल की सजा को मौजूदा तीन साल से बढ़ाकर सात साल करने का भी सुझाव दिया  है और इसे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के अध्याय छह के तहत अन्य अपराधों के लिए प्रदान की गई सजा की योजना के अनुरूप लाने की बात कही है।

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