ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। त्याग, लगन, समर्पण और कड़ी मेहनत से ही जीवन में सफलता हासिल की जा सकती है। साक्षी मलिक ने यह बात गुरुवार शाम को दिल्ली स्थित द पार्क होटल में युवा लेखिका प्रार्थना बत्रा की किताब ‘Getting the Bread: The Gen-Z Way to Success’ की लॉन्चिंग के मौके पर आयोजित एक समारोह में यह बातें कहीं।
इस दौरान साक्षी मलिक ने किताब की लेखिका के साथ बातचीत के दौरान अपने जीवन के तमाम अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला और सफलता का मूलमंत्र भी बताया। उन्होंने कहा कि लगातार कड़ी मेहनत और अपने लक्ष्य के प्रति फोकस रहने से ही उन्हें ओलंपिक में कामयाबी मिली। इस दौरान साक्षी मलिक का कहना था कि वह खुद को खुशनसीब मानती हैं कि उन्होंने पहलवानी का चयन किया और अपने प्रदर्शन के दम पर देश को गौरवान्वित महसूस कराया।
वहीं, युवा लेखिका प्रार्थना बत्रा ने इस किताब के माध्यम से युवा पीढ़ी को समय की चुनौतियों से पार पाने और सभी बाधाओं को धैर्य से जीतने के लिए प्रेरित किया है। प्रार्थना ने इस किताब को अपने परिवार खासकर मां नीति बत्रा और नानी को समर्पित किया, जिनकी मेहनत व सपोर्ट की बदौलत ही वह इस किताब को पूरा कर सकीं। यह पूछे जाने पर कि इतनी कम उम्र में उन्हें इस किताब को लिखने की प्रेरणा कहां से मिली, प्रार्थना बत्रा का कहना था कि उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल के लिए तमाम जानी-मानी शख्सियतों का इंटरव्यू किया था। इसी दौरान उन्हें आइडिया आया कि इस बातचीत के दौरान उन्होंने इन शख्सियतों के बारे में जो जाना-समझा और उनके संघर्ष व सफलता को महसूस किया, उसे एक किताब की शक्ल दी जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ टीवी पत्रकार सुधीर चौधरी, जाने-माने पहलवान और साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत कादियान और वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया समेत तमाम गणमान्य लोग मौजूद थे। करीब 17 वर्षीय प्रार्थना बत्रा वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अनुराग बत्रा की सुपुत्री हैं। ‘बिजनेसवर्ल्ड’ समूह के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह के फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा दो दशक से ज्यादा समय से मीडिया पर लिख रहे हैं। प्रार्थना बत्रा ने एंटरप्रिन्योरशिप पर वर्ष 2020 में एक यूट्यूब सीरीज भी लॉन्च की थी। इस सीरीज में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वालों की स्टोरीज की थीं। इस सीरीज के अंदर उन्होंने बरखा दत्त, प्राजक्ता कोली और साक्षी मलिक से चर्चा भी की थी।
प्रार्थना बत्रा की किताब में इन जानी-मानी हस्तियों से उनके जीवन, अनुभव आदि पर की गई बातचीत को भी शामिल किया गया है। प्रार्थना बत्रा वर्ष 2019 में Annual Women’s Economic Forum समेत तमाम सार्वजनिक फोरम पर वह अपनी बात रख चुकी हैं। वर्ष 2021 महिला दिवस पर उन्हें आईआईएम तिरुचिरापल्ली में संबोधन के लिए भी आमंत्रित किया गया था। इसके अलावा वह महिलाओं के अधिकारों समेत तमाम अहम मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं।