स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी हमले के खतरे के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को आईजीआई एयरपोर्ट से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हबीबुर रहमान को गिरफ्तार किया। उसे सऊदी अरब से निर्वासित कर भेजा गया था। हालांकि एनआईए आधिकारिक तौर पर कह रहा है कि उसे रहमान के भारत आने के बारे में इनपुट मिले थे, लेकिन इस घटनाक्रम से अवगत अधिकारियों का कहना है कि रहमान की गिरफ्तारी दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग का परिणाम है। माना जा रहा है कि वो हमले की तैयारी में था।
रहमान को 2007 में गिरफ्तार किए गए लश्कर आतंकी शेख अब्दुल नईम उर्फ नोमी का हैंडलर माना जाता है। नईम को बांग्लादेश के रास्ते दो पाकिस्तानी और एक कश्मीरी आतंकी को भारत में घुसपैठ करने में मदद के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
हालांकि अगस्त 2014 में कोलकाता से महाराष्ट्र की कोर्ट में पेशी के लिए ले जाते समय वह हिरासत से फरार हो गया था। करीब तीन साल तक वह सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देता रहा है और पाकिस्तान और सऊदी अरब में बैठे अपने हैंडलरों के निर्देश पर अपनी नापाक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
नईम को नवंबर 2017 में फिर गिरफ्तार कर लिया गया था। एनआईए ने नईम, हबीबुर रहमान समेत 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। हबीबुर रहमान को एनआईए ने सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था।
महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने की थी साजिश
एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि देश के महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुंचाकर ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही थी। नईम को उन जगहों को चिह्नित करने का जिम्मा सौंपा गया था जहां आतंकी हमला किया जा सकता था। साजिश को अंजाम देने के लिए नईम ने कई फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों का दौरा किया था और संभावित हमले की जगहों की रेकी की थी।
रहमान पहुंचा रहा था मदद
एनआईए ने बताया कि हबीबुर रहमान देश में आतंकी गतिविधियों के लिए नईम को फंड, रहने और छिपने की जगह मुहैया कराने में मदद कर रहा था। वह यह काम पाकिस्तान में बैठे लश्कर कमांडर अमजद उर्फ रेहान के निर्देश पर कर रहा था।