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लांसेट का शोध: बूस्टर डोज से 32 गुना तक बढ़ी बचाव क्षमता

Sat, 04 Dec 2021 06:16 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

बूस्टर के तौर पर सात टीके एस्ट्राजेनेका, फाइजर, नोवेवेक्स, जेनसेन, मॉडर्ना, वलनेवा और क्योरवैक उपयोग हुए।
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कोरोना टीका - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कोविड-19 टीके की 2 डोज ले चुके लोगों को बूस्टर डोज देने पर उनमें एंटी-स्पाइक एंटीबॉडी का स्तर 1.3 गुना से 32.3 गुना तक बढ़ गया। ब्रिटेन के 2,878 लोगों पर किए शोध में यह दावा किया गया है।

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यह शोध रिपोर्ट प्रतिष्ठित लांसेट जर्नल में प्रकाशित हुई है। इसमें एस्ट्राजेनेका और फाइजर के टीकों की दोनों डोज ले चुके लोगों को बूस्टर डोज दी गई थीं। बूस्टर के तौर पर सात टीके एस्ट्राजेनेका, फाइजर, नोवेवेक्स, जेनसेन, मॉडर्ना, वलनेवा और क्योरवैक उपयोग हुए।




इनमें से एस्ट्राजेनेका ले चुके लोगों में सभी सात टीके कागर मिले। फाइजर का टीका लेने वालों में वलनेवा को छोड़कर बाकी छह टीके कारगर मिले।

अध्ययन का नेतृत्व करने वाले साउथम्प्टन एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट विवि अस्पताल के चिकित्सक प्रो. सॉल फॉस्ट ने बताया कि बूस्टर डोज देने के 28 दिन बाद सर्वाधिक प्रतिरोधक क्षमता मिली। 

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