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फोन कांड के बाद ऐसी हुई लालू यादव की सुरक्षा, किसी को नहीं पास फटकने की इजाजत

Mon, 30 Nov 2020 03:31 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची/ बिहार
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लालू यादव - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के फोन कांड का मामला अब तक शांत नहीं हुआ है। दरअसल, लालू के पास फोन पहुंचने और पार्टी के अन्य नेताओं से बातचीत के बाद जेल प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसके तहत लालू की सुरक्षा इतनी ज्यादा कड़ी कर दी गई है कि उनके पास किसी को फटकने तक की इजाजत नहीं है। इस रिपोर्ट में हम जानते हैं कि लालू की सुरक्षा किस कदर बढ़ा दी गई है?

त्रिस्तरीय सुरक्षा में 'कैद' हैं लालू

गौरतलब है कि लालू प्रसाद और बिहार के भाजपा विधायक लल्लन पासवान के बीच हुई बातचीत का कथित ऑडियो वायरल हुआ था। इसके बाद रांची जेल प्रशासन ने उपायुक्त को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। हालांकि, इस फोन कांड के बाद लालू प्रसाद की सुरक्षा आमूलचूल तरीके से बढ़ा दी गई। उन्हें केली बंगले से एक बार फिर रिम्स के पेइंग वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया। साथ ही, इस वॉर्ड के चारों तरफ त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का जाल बुन दिया गया है। पहली सुरक्षा पेइंग वॉर्ड के मुख्य द्वार पर की गई है। वहीं, दूसरे स्तर की सुरक्षा वॉर्ड के अंदर और तीसरे स्तर की सुरक्षा व्यवस्था कमरे के बाहर की गई है। हालत ऐसी है कि अब लालू प्रसाद टहलने के लिए कमरे से बाहर निकलेंगे तो उस वक्त भी सुरक्षाकर्मी उनके आसपास मौजूद रहेंगे।

इन अफसरों को सौंपी गई जिम्मेदारी

जानकारी के मुताबिक, लालू यादव की सुरक्षा की जिम्मेदारी डीएसपी स्तर के अधिकारी को दी गई है। वहीं, एसएसपी और सिटी एसपी लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। राजद प्रमुख की सुरक्षा में 35-40 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जेल मैनुअल के मुताबिक, रिम्स के चिकित्सकों के अलावा लालू प्रसाद से कोई भी नहीं मिल सकता है। फिलहाल पेइंग वॉर्ड नंबर-11 के आसपास किसी को फटकने तक नहीं दिया जा रहा।

24 नवंबर को वायरल हुआ था ऑडियो

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा के नए अध्यक्ष के चुनाव से एक दिन पहले यानी 24 नवंबर को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर राज्य में एनडीए सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था, 'लालू एनडीए विधायकों को फोन करके उन्हें मंत्री पद का प्रलोभन दे रहे हैं। सुशील मोदी के इस आरोप के बाद 25 नवंबर को ही एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। दावा है कि ये ऑडियो एक फोन कॉल का है, जिसमें लालू यादव की आवाज है। कहा जा रहा है कि लालू यादव ने इस फोन कॉल में पीरपैंती से भाजपा विधायक लल्लन पासवान से बात की थी और उनसे विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में गैर हाजिर रहने को कहा था।
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