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सजा के बाद लालू बोले- भाजपा के आगे झुकने से बेहतर है मौत को गले लगाना 

Sat, 06 Jan 2018 05:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लालू प्रसाद यादव
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चारा घोटाला मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। इसके ठीक बाद लालू के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि भाजपा की राह में चलने बजाय मैं सामाजिक न्याय, सद्भाव और समानता के लिए खुशी से मरना पसंद करुंगा। 

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गौरतलब है कि लालू को यह सजा विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाई गई है। जिसमें उन पर अन्य दोषियों सहित साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख जुर्माना लगाया गया है। सजा का ऐलान किए जाने के बाद लालू सहित अन्य सभी दोषियों को रांची कोर्ट से जमानत भी नहीं मिलेगी बल्कि इसके लिए उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

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'चारा घोटाला' से जुड़े प्रमुख बिंदु-

लालू यादव - फोटो : ANI
  1. मामले में पशुपालन विभाग के दफ्तरों से चारा आपूर्ति के नाम पर धन की हेराफेरी की गई। 
  2. घोटाले से जड़े 53 मामलों में से 44 पर स्पेशल कोर्ट अपना फैसला दे चुकी है
  3. सीबीआई ने 5 अप्रैल 2000 को सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। 
  4. दिसंबर 2000 तक 47 गवाहों के बयान दर्ज हुए।
  5. 11 मार्च, 1996 को पटना उच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस घोटाले की जांच का आदेश दिया। 
  6. 23 जून, 1997 को सीबीआई ने आरोप पत्र दायर किया और लालू प्रसाद को आरोपी बनाया।
  7. मामले में 30 जुलाई, 1997 को लालू प्रसाद ने सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण किया।
  8. फरवरी, 2002 को रांची की विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई शुरू हुई।
  9. 2 जनवरी 2012 तक प्रॉसीक्यूशन की ओर से 350 गवाह पेश हुए। 
  10. लालू प्रसाद इस मामले से जुड़े जज को बदलने की मांग को लेकर हाई कोर्ट भी जा चुके हैं। 
  11. कोर्ट जज को बदलने की लालू यादव की अर्जी ठुकरा भी चुका है। 
  12. मामले में 30 सितंबर 2013  को लालू प्रसाद को 5 मामलों का दोषी पाया गया, जिसके लिए उन पर 11 साल तक कोई चुनाव लड़ने पर प्रतिबन्ध और साथ ही 25 लाख का जुर्माना लगाया।
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