किसान नेता दर्शन पाल ने आगे कहा कि 25 सितंबर में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा लखीमपुर खीरी में विवादित भाषण देते है। उन्होंने कोई इसका कोई रिकार्ड नहीं छोड़ा था लेकिन हमें वो भी सोशल मीडिया से मिल गया है। किसानों को गाड़ी से कुचलकर दोषियों ने डर का माहौल बनाने की कोशिश की थी। लेकिन हम किसान किसी से भी नहीं डरेंगे। इस घटना के साथ मंत्री ने जो दशहत फैलाने की कोशिश की है संयुक्त किसाच मोर्चा इसके विरोध में पूरे देशभर में एक ज्ञापन तैयार कर जल्द ही राष्ट्रपति को भेजेगा।
किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्राहन ने कहा कि जबसे किसान आंदोलन शुरू हुआ है वह बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से ही चल रहा है। भाजपा ने इसे खत्म करने के लिए हर कोशिश की, लेकिन इसे खत्म नहीं कर सके। किसानों के आंदोलन को खालिस्तानी, पाकिस्तानी बताकर बदनाम करने की कोशिशें भी कीं, जब इसमें भी सफल नहीं हुई तो सरकार हिंसा पर उतर गई गई है। सरकार ने प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ सरकार द्वारा हिंसक रूप अपनाया गया है। ये कितना भी हमारे साथ हिंसा कर ले लेकिन हम हिंसा का रास्ता नहीं अपनाएंगे।
किसान नेता राकेश टिकैत ने आगे कहा, जब तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री पद पर रहेंगे तब तक जांच सही से नहीं हो सकती है। जब तक दोनों गिरफ्तार नहीं तब तक हम आंदोलन जारी रहेंगे। वे कहते हैं, आज अजय मिश्रा के बेटे साथ जो हुआ, उसे गिरफ्तारी नहीं कहते हैं, बल्कि उसे निमंत्रण देकर बुलाया गया है।