महाराष्ट्र की 'महायुति; सरकार की ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कामठी से विधायक टेकचंद सावरकर ने विवादित बयान दिय है। उन्होंने इसे महिलाओं का वोट हासिल करने के लिए जुगाड़ करार दिया है। सावरकर की टिप्पणी पर विपक्षी कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे नीत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के पीछे का मकसद उजागर हो गया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने बुधवार को कहा कि अगर विपक्षी गठबंधन महाराष्ट्र में सत्ता में आता है तो महा विकास अघाड़ी (एमवीए) महिलाओं के लिए लड़की बहन योजना को अधिकार-आधारित योजना में बदल देगा। चव्हाण ने यह भी कहा कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ज्यादा सीटों की हकदार है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने लोकसभा चुनावों में अन्य एमवीए घटकों की तुलना में अधिक सीटें जीती हैं। महाराष्ट्र की 40 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस ने 13 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) को नौ और एनसीपी (एसपी) को आठ सीटें मिलीं।
पहले जानिए भाजपा विधायक का बयान
नागपुर के नजदीक अपने कामठी विधानसभा में मंगलवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए सावरकर ने कहा कि हम भाजपा के लिए महिलाओं का मतदान हासिल करने के वास्ते मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना का जुगाड़ लेकर आए हैं। ईमानदारी से बताएं, ऐसा हमने क्यों किया? इसलिए ताकि चुनाव के दौरान हमारी प्रिय बहनें हमारे लिए मतदान करें। सावरकर ने मंच पर मौजूद अन्य लोगों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये लोग आपको भ्रमित कर सकते हैं, लेकिन मैं अकेला हूं जो इस बारे में ईमानदारी से बात करता हूं। हम भाजपा कार्यकर्ता हैं और हमारा केवल एक स्वार्थ वोट पाना है।
क्या है योजना?
लड़की बहिन योजना के तहत ढाई लाख रुपये से कम वार्षिक आय की 21 से 65 साल उम्र की विवाहिता, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता राज्य सरकार दे रही है। इस योजना पर राजकोष पर हर साल 46 हजार करोड़ रुपये का बोझ पड़ने का अनुमान है।
अब जानिए कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस विधायक और महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने सावरकर के भाषण की क्लिप सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की। वडेट्टीवार ने कहा कि महायुति सरकार की चालाकी सामने आ गई है। इस भाजपा विधायक ने स्वीकार किया है कि महायुति नेता झूठ बोल रहे हैं। इस जुगाड़ को लागू किया गया, क्योंकि महायुति मतों के सूखे का सामना कर रहा है।
इसी साल होने हैं चुनाव
महाराष्ट्र की 288 विधानसभा के लिए इस साल के नवंबर या दिसंबर में चुनाव होने की संभावना है।