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Manipur: कुकी समूह के अनिश्चितकालीन बंद का दिखा मिलाजुला असर; मणिपुर में तनाव के बीच शांति, सुरक्षा बल अलर्ट

Sun, 09 Mar 2025 05:30 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मणिपुर में कुकी समूहों की ओर से सुरक्षा बलों की कार्रवाई के खिलाफ लागू किए गए अनिश्चितकालीन बंद का छिटपुट असर नजर आया। राज्य के कुकी बहुल इलाकों में तनावपूर्ण शांति रही। वहीं कुछ जिलों में कुकी प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किया। वहीं बंद को देखते हुए सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर रहे।
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मणिपुर में सुरक्षा बल - फोटो : PTI
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विस्तार
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मणिपुर में कुकी समूहों की ओर से सुरक्षा बलों की कार्रवाई के खिलाफ लागू किए गए अनिश्चितकालीन बंद का मिलाजुला असर नजर आया। राज्य के कुकी बहुल इलाकों में तनावपूर्ण शांति रही। वहीं कुछ जिलों में कुकी प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किया। वहीं बंद को देखते हुए सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर रहे। चूराचंदपुर और टेंग्नौपाल जिलों के कुकी बहुल इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और पत्थरों से सड़कें जाम कर दीं। जिन्हें सुरक्षा बलों ने हटाया।

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कुकी बहुल इलाकों में दुकानें बंद रहीं और यहां आंदोलनकारी लोगों से घरों के अंदर रहने के लिए कहते नजर आए। अफसरों ने बताया कि एनएच-2 (इंफाल-दीमापुर रोड) पर गमघीफाई और जिले के अन्य हिस्सों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वाहनों की गश्त की जा रही है।

आईटीएलएफ ने कुकी जो काउंसिल (KZC) द्वारा बुलाए गए अनिश्चितकालीन बंद को समर्थन दिया। इस बंद का उद्देश्य राज्य में सभी सड़कों पर मुक्त आवाजाही का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई का विरोध करना था। आईटीएलएफ ने कहा कि कुकी-जो क्षेत्रों के माध्यम से मैतेई लोगों की आवाजाही की अनुमति देने के भारत सरकार के फैसले से कांगपोकपी में आंदोलन और विरोध हुआ। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल का प्रयोग किया।

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मणिपुर में प्रदर्शन - फोटो : PTI
शनिवार को कांगपोकपी जिले के विभिन्न हिस्सों में कुकी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई, जबकि महिलाओं और पुलिसकर्मियों समेत 40 से अधिक अन्य घायल हो गए थे।
वहीं मणिपुर पुलिस ने कहा कि कुकी प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए हमलों में 27 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने उन पर पत्थर फेंके और बड़े-बड़े पत्थर लगाकर, टायरों में आग लगाकर, पेड़ों को गिराकर सड़कों को जाम किया। प्रदर्शनकारियों ने गोलियां भी चलाईं, इसका सुरक्षा बलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
पुलिस ने कहा कि जब मणिपुर राज्य परिवहन की एक बस इंफाल-कांगपोकपी-सेनापति मार्ग पर जा रही थी, कांगपोकपी जिले के गमगीफई में भीड़ ने वाहन पर पथराव करना शुरू कर दिया। इसके बाद सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और न्यूनतम बल का इस्तेमाल करना पड़ा।
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लोगों से बात करते पुलिस कर्मी - फोटो : PTI
केंद्रीय गृह मंत्री ने दिया था सख्त कार्रवाई का निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में सुरक्षा बलों को मणिपुर में आठ मार्च से सभी मार्गों पर लोगों की खुली आवाजाही सुनिश्चित करने और अवरोध पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। मणिपुर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र राज्य में स्थायी शांति बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में सभी जरूरी मदद प्रदान कर रहा है। पूर्वोत्तर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद यह पहली बैठक आयोजित की गई थी। राज्य में मई 2023 से जातीय हिंसा जारी है। इस हिंसा में ढाई सौ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। 

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