तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं मंत्री के टी रामाराव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि अमित शाह टीआरएस सरकार के खिलाफ झूठ फैला रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने अमित शाह को 'झूठों का बादशाह' भी बताया। इस दौरान सीएम के चंद्रशेखर राव के बेटे रामा राव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को कॉरपोरेटर चला रहे हैं।
अमित शाह ने कसा था तंज
गौरतलब है कि महीने भर चलने वाली 'प्रजा संग्राम यात्रा' के दूसरे चरण के समापन के मौके पर आयोजित होने वाली एक जनसभा में लोगों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) पर भ्रष्टाचार और वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया था। उन्होंने टीआरएस के चुनाव चिह्न कार का जिक्र कर कहा था कि प्रदेश में ‘कार’ की स्टेयरिंग एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के हाथों में है। इस दैरान शाह ने कहा था कि उनकी पार्टी अगले साल राज्य में होने वाले चुनावों का सामना करने के लिए तैयार है।
केटी रामा राव ने किया पलटवार
अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए केटी रामा राव ने भाजपा शासित कर्नाटक में फैले ‘भ्रष्टाचार’ का उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के एक भाजपा विधायक का आरोप है कि उनसे कुछ लोगों ने संपर्क किया था और 2,500 करोड़ रुपये के बदले में राज्य के मुख्यमंत्री के पद की पेशकश की थी। इस दौरान उन्होंने कर्नाटक में ठेकेदार की आत्महत्या के मामले पर भी भाजपा पर निशाना साधा।
केटीआर ने कहा कि भाजपा सरकार का दावा है कि मिशन भगीरथ योजना के लिए 25,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या आपकी सरकार ने 19 पैसे भी दिए हैं? तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि खुलेआम झूठ बोलने में कोई शर्म नहीं है? लोग आपकी बात पर विश्वास करने के लिए तैयार नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने सवाल किया कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने पिछले आठ वर्षों में तेलंगाना के लिए क्या किया। तेलंगाना ने केंद्र को कर के रूप में 3.65 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया, लेकिन बदले में उसे केवल 1.68 लाख करोड़ रुपये मिले।
इस दौरान शाह के बयान कि टीआरएस का चुनाव निशान गाड़ी है, जिसका स्टेयरिंग असदुद्दीन ओवैसी के हाथ में है, को लेकर भी रामाराव ने उन पर तंज कसा कि हमारा स्टेयरिंग हमारे हाथों में है लेकिन आपकी सरकार का कॉर्पोरेट हाथों में है।