आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद, माधव ने बुधवार को विजयवाड़ा में नारा लोकेश से मुलाकात की थी। वहीं उन्होंने 'भारत सांस्कृतिक वैभवम' वाला मानचित्र भेंट किया था।
आंध्र प्रदेश के नव नियुक्त भाजपा प्रमुख पी वी एन माधव पद ग्रहण करते ही विवादों से घिर गए हैं। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव ने उन पर तेलंगाना के अस्तित्व को नजरअंदाज करने और वहां के संघर्ष को कमतर आंकने का आरोप लगाया है। दरअसल, ये विवाद तब शुरू हुआ जब आंध्र प्रदेश भाजपा प्रमुख पी वी एन माधव ने बुधवार को मंत्री नारा लोकेश को 'भारत सांस्कृतिक वैभवम' (भारतीय संस्कृति का गौरव) शीर्षक वाला एक मानचित्र भेट किया था। जिसे लेकर बीआरएस ने कथित तौर पर दावा किया है कि इसमें तेलंगाना का नाम नहीं था।
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बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में यह दावा किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे स्पष्ट करें कि क्या यह चूक भाजपा के 'राजनीतिक एजेंडे' को दर्शाती है। उन्होंने अपनी पोस्ट में दावा किया कि लोगों ने तेलंगाना के लिए सांस्कृतिक पहचान, इतिहास में उचित स्थान और भौगोलिक मान्यता के लिए पीढ़ियों से संघर्ष किया है।
पोस्ट में केटी रामाराव ने क्या लिखा?
अपनी पोस्ट में, केटी रामाराव ने पीएम मोदी को टैग करते हुए लिखा कि आपके आंध्र प्रदेश भाजपा प्रमुख, माधव गारु ने तेलंगाना के अस्तित्व को नजरअंदाज करते हुए संयुक्त आंध्र प्रदेश का नक्शा भेंट करके हमारे संघर्ष को कमतर आंका है। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी लिखा कि उनका ऐसा करना तेलंगाना के लोगों, हमारे राज्य, हमारे संघर्ष, हमारे शहीदों के बलिदान और इतिहास के प्रति घोर अनादर को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि अगर यह चूक सचमुच एक चूक थी, तो भाजपा नेतृत्व को तेलंगाना के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
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वहीं, जब आंध्र प्रदेश भाजपा प्रमुख पी वी एन माधव से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा भेंट में दिया गया मानचित्र एक फ्रेमयुक्त कलात्मक चित्र है। उसमें आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को अलग करने वाली केवल एक पतली सी रेखा है। बता दें कि आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद, माधव ने बुधवार को विजयवाड़ा में नारा लोकेश से मुलाकात की थी। वहीं उन्होंने 'भारत सांस्कृतिक वैभवम' वाला मानचित्र भेंट किया था।