ट्विटर को लेकर देश में कई बार विवाद उत्पन्न हुए हैं। केंद्र सरकार से प्लेटफॉर्म के गलत व आपत्तिजनक इस्तेमाल की बात हो या किसी सेलिब्रिटी और राजनेता के अकाउंट सस्पेंड करने का मामला, पिछले लंबे समय से ट्विटर भारत में अपनी कानूनी जंग लड़ता आ रहा है। हालांकि इस बार स्वदेशी माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफार्म कू के को फाउंडर सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण ने ट्विटर पर तंज कसा है और नाम न लेते हुए विदेशी सोशल मीडिया की सच्चाई लोगों के सामने आने की बात कही है। दरअसल, अरबपति एलन मस्क ने ट्विटर पर पूछा कि क्या लोग मानते हैं कि सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी फ्री स्पीच के सिद्धांत का "कड़ाई से पालन करती है"। एक पोल में हां या ना के जवाब में पूछे गए इस सवाल के बाद उन्होंने एक और ट्वीट करते हुए लोगों को चेतावनी दी कि इस मतदान के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे।
स्वदेशी माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफार्म कू के को फाउंडर सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण ने ट्विटर पर तंज कसा
हालांकि मस्क के इस ट्वीट पर अप्रमेय ने ट्विटर पर तो सादा ही जवाब दिया लेकिन मस्क के ट्वीट का स्क्रीन शॉट कू करते हुए ट्विटर को घेरना नहीं भूले। राधाकृष्ण ने कू शेयर करते हुए कहा, "जबकि दुनिया विदेशी सोशल मीडिया के बारे में सच्चाई का पता लगा रही है, सभी कू यूजर्स ने पहले ही सही चुनाव कर लिया है! चलो कू कम्युनिटी के लोगों को विकसित करें!"
While the world figures out the truth about foreign social media, all the Koo users have already made the right choice! Let’s grow the koo community folks! 🙂
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- Aprameya Radhakrishna (@aprameya) 25 Mar 2022
इसके जवाब में पिछले नवंबर में कंपनी के सीईओ के रूप में पद छोड़ने वाले ट्विटर के संस्थापक जैक डोर्सी ने कहा, "किस एल्गोरिदम का उपयोग करना है (या नहीं) का विकल्प सभी के लिए खुला होना चाहिए"।
जाहिर है कू का इंटरफ़ेस अपने प्रतिद्वंद्वी ट्विटर के जैसा ही है, जिससे यूजर्स अपने पोस्ट को हैशटैग के साथ कैटेगराइज भी कर सकते हैं और अन्य यूजर्स को मेंशन या रिप्लाई में टैग कर सकते हैं। कू एक पीले और सफेद इंटरफेस का उपयोग करता है और एक पीले रंग की चिड़िया इसका लोगो है। ट्विटर के लोगो में भी एक नीले रंग का पक्षी देखने को मिलता है।