ममता गुट की नेता वसुंधरा गोस्वामी
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कोलकाता में रविवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आगामी नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले हुआ। टीएमसी ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसके पार्टी कार्यालय पर कब्जा कर लिया और पार्टी के पार्षदों, सदस्यों और उनके घरों को निशाना बनाया।
प्रदर्शन के दौरान ममता गुट की नेता वसुंधरा गोस्वामी ने कहा कि पार्टी ने चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। गोस्वामी ने कहा, हम चुनाव के बाद हुई हिंसा का मुद्दा उठाने पुलिस थाने गए थे। हमारे लोगों के साथ मारपीट की गई।
टीएमसी नेता बैस्वानोर चट्टोपाध्याय ने कहा कि पार्टी अपने पार्षदों पर हुए हमले के विरोध में यह रैली निकाल रही है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। चट्टोपाध्याय ने कहा, "हमारे पार्षदों पर हमला किया गया। हम इस घटना के विरोध में यह रैली निकाल रहे हैं। हमारी मांग है कि जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
एक अन्य टीएमसी नेता मलय मजूमदार ने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यालय पर हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के सदस्यों के घरों को भी निशाना बनाया गया। मजूमदार ने कहा, "हमारे पार्टी कार्यालय पर हमला हुआ। उन्होंने हमारे घरों को भी निशाना बनाया। इन हमलों के विरोध में हम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन कर रहे हैं।"
छह अक्तूबर को उपचुनाव
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव छह अक्तूबर को होंगे। मतगणना नौ अक्तूबर को होगी। यह उपचुनाव टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर हुए विवाद और उम्मीदवारों की स्थिति में बदलाव के बाद हो रहे हैं। नंदीग्राम सीट 2026 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भवानीपुर सीट बरकरार रखने के बाद खाली हुई थी। उन्होंने भवानीपुर सीट पर टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को हराया था और नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी। वहीं, रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई। कबीर नौदा सीट से भी जीते थे।
इससे पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया था। टीएमसी उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। बनर्जी ने कहा था कि यह फैसला "देश के व्यापक हित में" लिया गया है और कांग्रेस को "सहयोगी पार्टी" बताया था।