कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर को कोलकता उच्च न्यायालय से राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ जारी हुए गिरफ्तारी वारंट पर तब तक के लिए रोक लगा दी है जब तक कि पुनर्विचार आवेदन का निपटारा नहीं हो जाता। कांग्रेस नेता के खिलाफ यह वारंट हिंदू पाकिस्तान वाली टिप्पणी को लेकर जारी हुआ था।
पिछले साल 11 जुलाई, 2018 को शशि थरूर ने कहा था कि यदि 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा जीतती है तो वह भारत को 'हिंदू पाकिस्तान' बनाने जैसे हालात पैदा कर देगी। तिरूवनंतपुरम में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थरूर ने कहा था कि भाजपा एक नया संविधान लिखेगी जो भारत को पाकिस्तान जैसे राष्ट्र में बदलने का रास्ता साफ करेगा, जहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन किया जाएगा, उनका कोई सम्मान नहीं होगा।
उन्होंने कहा था कि यदि भाजपा दोबारा लोकसभा चुनाव जीतती है तो देश का लोकतांत्रिक संविधान खत्म हो जाएगा, क्योंकि उनके पास भारतीय संविधान को खत्म करने और एक नया संविधान लिखने के सारे तत्व मौजूद हैं। भाजपा द्वारा लिखा गया नया संविधान पूरी तरह से हिंदू राष्ट्र के सिद्धांतों पर आधारित होगा, जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों को पूरी तरह से खत्म कर देगा और राष्ट्र को 'हिंदू पाकिस्तान' बना देगा।