पहला ऑडियो
पहली महिला की आवाज: "उसकी तबीयत थोड़ी खराब हो गई है। क्या आप लोग तुरंत आ सकते हैं?"
पुरुष की आवाज (संभवत: पीड़िता के पिता): "क्यों, क्या हुआ है?"
महिला की आवाज: "उसकी तबीयत खराब है। हम उसे भर्ती कर रहे हैं। आप लोग क्या तुरंत आ सकते हैं?"
पुरुष की आवाज: "क्या हुआ है, यह बताओ!"
महिला की आवाज: "यह तो डॉक्टर बताएंगे जब आप लोग आएंगे। हमने आपका नंबर जुगाड़ किया और आपको बताया कि परिवार के लोग जल्दी आ जाएं।"
पुरुष की आवाज: "क्या हुआ है, यह बताओ!"
महिला की आवाज: "मरीज की तबीयत खराब है। अस्पताल में भर्ती हो गई है। बाकी का विवरण डॉक्टर बताएंगे जब आप आएंगे।"
दूसरी महिला की आवाज (संभवत: पीड़िता की मां): "क्या उसे बुखार है?"
महिला की आवाज: "आप लोग आ जाइए! जल्दी आ जाइए! जितनी जल्दी हो सके।"
पुरुष की आवाज: "क्यों? बहुत खराब स्थिति है?"
महिला की आवाज: "हां, बहुत खराब स्थिति है! हां, बहुत खराब स्थिति है! जल्दी आ जाइए।"
दूसरा ऑडियो
पहली महिला की आवाज: "उनकी हालत बहुत खराब है। उनकी हालत बहुत खराब है। आप जितनी जल्दी हो सके आ जाइए!"
पुरुष की आवाज: "क्या हुआ है, यह बताओ!"
महिला की आवाज: "यह डॉक्टर बताएंगे। आप जल्दी यहां आ जाइए।"
पुरुष की आवाज: "आप कौन हैं, बताइए?"
महिला की आवाज: "मैं असिस्टेंट सुपर हूं। मैं डॉक्टर नहीं हूं।"
पुरुष की आवाज: "क्या वहां कोई डॉक्टर नहीं है?"
महिला की आवाज: "हम आपकी बेटी को इमरजेंसी में ले आए हैं। आप आकर संपर्क करें।"
दूसरी महिला की आवाज: (संभवत पीड़िता की मां) "उन्हें क्या हुआ? वह तो ड्यूटी पर थी!"
पहली महिला की आवाज: "आप लोग जल्दी आ जाइए! जितना जल्दी हो सके।"
तीसरा ऑडियो
इस क्लिप में केवल एक महिला की आवाज है। इसे पहली महिला की आवाज माना जा रहा है।
महिला की आवाज: "उसने शायद आत्महत्या कर ली है। या मर गई है। पुलिस यहां है। हम अस्पताल में सभी के सामने हैं। हम फोन कर रहे हैं।"
पीड़िता के माता-पिता ने भी लगाया था आरोप
उल्लेखनीय है कि आरजी कर कांड में पीड़िता के माता-पिता ने घटना के बाद से ही आरोप लगाया था कि उन्हें अस्पताल से 'गलत जानकारी' दी गई थी। उनका सवाल था कि पहले क्यों कहा गया कि उनकी बेटी बीमार है और बाद में कहा गया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है, जबकि उनकी बेटी से दुष्कर्म और हत्या की गई थी। पहले आरोप था कि कोलकाता पुलिस ने पीड़िता के माता-पिता को फोन कर खबर दी थी। कोलकाता पुलिस ने बताया कि उनकी तरफ से पीड़िता के घर पर कोई फोन नहीं किया गया था। अस्पताल के किसी व्यक्ति ने फोन किया था। बाद में मृतक के माता-पिता ने बताया कि एक 'असिस्टेंट सुपर' पहचान बताकर फोन किया था। उसने पहले 'बेटी बीमार है' कहा और फिर 'आत्महत्या' की बात कही। सार्वजनिक हुई फोन कॉल में भी यही सुनाई दे रहा है।
कोर्ट को भी यही दी गई थी जानकारी
कोलकाता हाई कोर्ट में आरजी कर कांड की सुनवाई के दौरान, मृतक के परिवार के वकील विकासरंजन भट्टाचार्य ने भी यही कहा था। उन्होंने कहा था कि पहले परिवार को किसी ने फोन करके कहा कि "आपकी बेटी बीमार है।" फिर फोन करके कहा गया कि "आपकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है।" इस संदर्भ में राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि परिवार की बात सही है। मृतक के परिवार को दो बार फोन आया था। लेकिन फोन में क्या कहा गया, इस पर राज्य ने अदालत में कुछ नहीं बताया। केस डायरी में इस बारे में कुछ है या नहीं, यह भी तब स्पष्ट नहीं था।
पर यह स्पष्ट नहीं
अब उस दिन की बातचीत की ऑडियो क्लिप सार्वजनिक हो गई है। इसमें तीन ऑडियो क्लिप्स हैं। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि दो फोन कॉल तीन हिस्सों में बांटे गए हैं, या तीन बार फोन किया गया था, या एक बार के फोन कॉल को तीन क्लिप्स में बांटा गया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि इसके बाद आरजी कर अस्पताल ने पीड़िता के परिवार को प्रारंभिक रूप से 'गलत जानकारी' के बारे में क्या कहा।
पीड़िता के माता-पिता को किया गया गुमराह
अस्पताल और पीड़िता के परिजनों के बीच हुई बातचीत के ऑडियो सामने आने के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ऑडियो से साफ समझ में आ रहा है कि पीड़िता के माता-पिता को गुमराह किया गया। मामले में शुरू से ही पश्चिम बंगाल सरकार सबूत नष्ट करने और आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही थी। पहले एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई। अपराध स्थल की सफाई में देरी हुई। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में तोड़फोड़ होने दी। इस्तीफा देने के बजाय ममता बनर्जी धमकी दे रही हैं और बदला लेने की बात कर रही हैं।