केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में कहा है कि कोहिनूर हीरा चोरी नहीं हुआ था, बल्कि पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह ने अंग्रेजों को तोहफे में दिया था। केंद्र ने ये जवाब सुप्रीम कोर्ट के उस सवाल के जवाब में दिया है, जिसमें उसने कोहिनूर के मसले पर सरकार की राय मांगी थी।
माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में दिया गया मोदी सरकार हलफनामा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राय के विपरीत है। सर्वोच्च अदालत में कोहिनूर को भारत लाने के संबंध में पीआईएल दाखिल की गई है। ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस फ्रंट की ओर से दायर याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट यूनाइटेक किंगडम के उच्चायुक्त को ये आदेश दे को वो तमाम अन्य खजानों के साथ कोहिनूर को भाारत को वापस करे।
पीआईएल में विदेश मंत्रालय, यूके के उच्चायुक्त, पाकिस्तान और बांग्लादेश को पार्टी बनाया गया है। जिन खजानों को वापस करने की मांग की गई है, उनमें टीपू सुल्तान की अंगूठी, तलवार, बहादुर शाह जफर, झांसी की रानी आदि के कई आभूषण शामिल हैं।