कोडेला शिव प्रसाद राव (फाइल फोटो)
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दक्षिण भारत के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व स्पीकर कोडला शिव प्रसाद राव कहते थे कि आंध्र की राजनीति में वह अपरिहार्य हैं क्योंकि उन्हें अच्छी हिंदी आती है और गरीबों की नब्ज पकड़नी आती है। आंध्र प्रदेश विधानसभा के स्पीकर रहे कोडला ने सोमवार को कथित तौर पर हैदराबाद में खुदकुशी कर ली थी। कोडला शिव प्रसाद हंसमुख स्वभाव और शुद्ध हिंदी बोलने की वजह से सभी दलों में लोकप्रिय थे।
उनकी मेजबानी ऐसी होती थी कि जो एकबार उनसे मिला, वो उनका होकर रह गया। अमरावती में आंध्र प्रदेश की नई विधानसभा को पेपललेस बनाने के लिए उन्होंने तकनीक और ज्ञान के साथ अपनी कड़ी मेहनत मिलाई थी। वह संयुक्त आंध्र प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री रहे एनटी रामाराव के बेहद खास थे। उनकी पहल पर एनटी रामाराव ने भारतदेशम पार्टी बनाकर हिंदीभाषी क्षेत्रों में राजनीतिक कदम रखा था।
करीब तीन साल पहले अमरावती में उनकी अगुवाई में विश्व महिला कांग्रेस का आयोजन हुआ था। इसमें देश-विदेश की विधायिका की सदस्य और करीब 10 हजार स्कूली बच्चियों ने भाग लिया था। उस कार्यक्रम में आए हर शख्स की अगवाई हवाई अड्डे से लेकर स्टेशन तक कोडला शिव प्रसाद स्वयं कर रहे थे। दो दिन लगातार खड़े, दौड़ते और मशविरा देते कोडला दिखते थे।
कार्यक्रम में परिचय होने के बाद मैंने उनसे देश की पहली विधानसभा के बारे में बात की। जैसे ही मैंने अंग्रेजी में अपना परिचय दिया और पुरानी मुलाकात के बारे में याद दिलाया, उन्होंने मुझे बोलने से रोक दिया। फिर हंसकर बोले, अमर उजाला तो हिंदी का बड़ा अखबार है और आप भी हिंदीभाषी हो। फिर हिंदी में बात करने में झिझकते क्यों हो। देखो मैं तो तेलुगुभाषी हूं और हिंदी में अपनी बात शुरू कर रहा हूं।
इसके बाद तो उन्होंने शुद्ध हिंदी में अपनी जिंदगी के कई पन्ने खोल दिए। बताया कि असली डॉक्टर तो वह बनारस हिंदू विश्विद्यालय (बीएचयू) में पढ़ाई करके बने हैं। उन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई बीएचयू में की थी और तीन साल के वाराणसी प्रवास में ही हिंदी भी सीखी थी।