केरल के कोच्चि में नौसेना ने एक ड्रोन को पकड़कर पुलिस को सौंपा है। यह 26 जुलाई को एक ब्रिज के ऊपर उड़ रहा था। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
नौसेना के अनुसार यह ड्रोन 26 साल का एक युवक उड़ा रहा था। उसने खुद को कोच्चि के वदुथाला क्षेत्र का निवासी बताया है। यह पुराने थोप्पुप्पेडी क्षेत्र में एक पुल के ऊपर उड़ता नजर आया था। ड्रोन उड़ाने वाले युवक ने दावा किया है कि वह अपने ट्रैवल ब्लॉग व यूट्यूब के लिए ड्रोन उड़ा रहा था।
सेना द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि युवक के पास ड्रोन से तस्वीर आदि लेने की नौसेना की पूर्व मंजूरी नहीं थी। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश के अनुसार रिमोट से चलाए जाने वाले विमान या ड्रोन को किसी भी सरकारी, निजी या रक्षा विमानतलों की तीन किलोमीटर की परिधि नहीं उड़ाए जा सकते हैं। इसी तरह किसी भी रक्षा प्रतिष्ठान या केंद्र के आसपास के तीन किलोमीटर के क्षेत्र में भी नहीं उड़ाया जा सकता है। ऐसा करने के लिए रक्षा प्रतिष्ठान की पूर्व मंजूरी जरूरी है।
एक लाख रुपये में खरीदा था
रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि यह ड्रोन इस युवक ने ओएलएक्स वेबसाइट के जरिए एक अन्य व्यक्ति से एक लाख रुपये में खरीदा था, इसलिए वह उसके बिल आदि नहीं पेश कर सका। पुलिस ने ड्रोन जब्त कर लिया है और आरोपी युवक के खिलाफ भादंवि की धारा 151 और सीआरपीसी की धारा 102 के तहत केस दर्ज किया गया है।
नक्सली भी कर रहे ड्रोन का इस्तेमाल
इधर, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में भी नक्सलियों द्वारा छोटे ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आए हैं। डीआईजी संदीप पाटिल ने शुक्रवार को बताया कि छत्तीसगढ़ सीमा के पास हमारी चौकियों की निगरानी के लिए नक्सली छोटे ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले चार-पांच महीनों में हमने ऐसी सात-आठ घटनाएं दर्ज की हैं। सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए हम ड्रोन विरोधी उपाय कर रहे हैं।