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मौसम: जानिए भारत में क्यों महत्वपूर्ण है मॉनसून? देश में कब तक देगा दस्तक  

Mon, 31 May 2021 09:44 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में आमतौर पर 1 जून तक मॉनसून दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार यह दिन की देरी से आएगा। भारतीय मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस बार केरल में मॉनसून 3 जून तक पहुंचेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने अनुमान लगाया है कि इस बार केरल में मॉनसून बृहस्पतिवार यानी 3 जून तक पहुंचेगा। बता दें, इसके पहले विभाग द्वारा अनुमान लगाया था कि देश में मॉनसून 31 मई तक पहुंचेगा। आमतौर पर भारत में हर साल जून-जुलाई के महीने में जमकर बारिश होती है। इस दौरान होने वाली बारिश देश में सालाना होने वाली बारिश का लगभग 70 प्रतिशत होती है, लेकिन इस बार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून दो दिन की देरी से दस्तक दे रहा है। आइए आज आपको बताते हैं किसी भी देश के लिए मॉनसून महत्वपूर्ण क्यों है?

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पहले जानें मॉनसून का मतलब
मॉनसून शब्द का जन्म अरबी भाषा के एक शब्द मौसिम से हुआ है। इसका मतलब हवाओं में ऋतुवत बदलाव होना है। जब हवाएं नवंबर से मार्च तक उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर चलती हैं तो इसे शीत ऋतु का मॉनसून कहा जाता है। वहीं, जून से सितंबर तक यह हवाएं दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा की ओर चलती हैं तो इसे गर्मी का मॉनसून या ग्रीष्म मॉनसून कहा गया है।

मॉनसून का पूर्वानुमान 
किसी भी देश में मॉनसून के आने का पता अनुमान के जरिये पहले ही लगा लिया जाता है। भारत में आमतौर पर एक जून से बारिश के मौसम की शुरुआत होती है, लेकिन कई बार यह देरी से भी दस्तक देता है। मॉनसून का पूर्वानुमान लगाना कठिन कार्य है। 16 पैरामीटरों/मानकों का सूक्ष्मता से अध्ययन कर मॉनसून की भविष्यवाणी की जाती है। भारतीय मौसम विभाग की भविष्यवाणियों की सटीकता 70-80 फीसदी तक रहती है। वैसे आज भी मॉनसून पूर्वानुमान की भविष्यवाणी और असल परिस्थितियों में थोड़ा-बहुत अंतर हो ही जाता है।
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देश में मॉनसून क्यों है जरूरी?
मॉनसून के आने से न केवल गर्मी से राहत मिलती है बल्कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र को बेहतर ढंग से चलाने में सहायता भी मिलती है। बारिश का मौसम आते ही किसान खरीफ, चावल, दालें, तिलहन जैसी फसलों का रोपण शुरू कर देते हैं। बारिश इन प्रमुख फसलों की पैदावार को भी प्रभावित करती है। अच्छे मॉनसून से कृषि उत्पादन बढ़ता है। बारिश के मौसम से जमीन, तालाबों या नदियों में पानी भर जाता है, जिससे सिंचाई करने में मदद मिलती है। पानी से बिजली उत्पादन भी बढ़ता है। इससे अर्थव्यवस्था पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। वहीं, खराब मॉनसून भारतीय अर्थव्यवस्था और विकास पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।

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