प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बंगाल दौरे के दौरान देर से ममता बनर्जी और मुख्य सचिव के पहुंचने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में गृहमंत्रालय ने मुख्य सचिव को आज दिल्ली बुलाया है, लेकिन ममता सरकार ने उन्हें अभी तक रिलीव नहीं किया है।
यास चक्रवात के बाद प्रधानमंत्री के पश्चिम बंगाल में आयोजित बैठक में ममता बनर्जी के समय से नहीं पहुंचने को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच टकराव जारी है। राज्य के मुख्य सचिव अल्पन बंधोपाध्याय को दिल्ली तलब किया गया है। इसके बाद गृहमंत्रालय ने उन्हें सोमवार को सुबह दस बजे तक डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो बंगाल सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही है।लिहाजा चीफ सेक्रेट्री के दिल्ली पहुंचने की संभावना कम है।
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ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से की अपील
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अल्पन बंधोपाध्याय सीएम ममता बनर्जी के साथ एक बैठक में हिस्सा लेंगे। नबान में तूफान और कोरोना महामारी से जुड़े मुद्दों पर होने वाली बैठक में मुख्य सचिव बंधोपाध्याय शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को पीएम मोदी से ट्रांसफर वापस लेने की अपील की थी।
क्या है पूरा मामला
दरअसल चक्रवाती तूफान यास से हुई तबाही के बाद पश्चिम बंगाल और ओडिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात का जायजा लिया था। इस दौरान बंगाल के मेदिनापुर में एक समीक्षा बैठक रखी गई थी। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ समीक्षा बैठक में सीएम ममता बनर्जी करीब 30 मिनट की देरी से पहुंची थीं। इस दौरान मुख्य सचिव अल्पन बंद्धोपाध्याय भी उनके साथ थे। प्रधानमंत्री की बैठक में देरी से जाना अल्पन बंधोपाध्याय को भारी पड़ा गया। उन्हें तत्काल बंगाल के चीफ सेक्रेट्री के पद से हटाकर दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया, लेकिन उनके दिल्ली आने की संभावना कम बताई जा रही है।
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भाजपा और टीएमसी में तनाव
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान से भाजपा और टीएमसी के बीच तनातनी जारी है। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की फिर से सरकार बन गई, तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र उनकी मांगों के अनरूप मदद नहीं कर रहा है। तूफान यास के बाद हुए नुकसान को लेकर ममता बनर्जी ने केंद्र से 20 हजार करोड़ रुपये की राशि की मांग की थी।