फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्वीरों में देखें केरल में आई भीषण बाढ़ का मंजर, अब तक 37 की मौत

Sun, 12 Aug 2018 08:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 12
kerala flood
केरल में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। माना जा रहा है कि राज्य में 40 साल बाद इतनी भीषण बाढ़ आई है। शुक्रवार के दिन भी बारिश का कहर जारी रहा लेकिन शनिवार को बारिश पहले के मुकाबले थोड़ी कम हुई। अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 54 हजार लोग बेघर हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

सेना की 8 टुकड़ियां लगाई गईं

2 of 12
राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की 8 टुकड़ियां लगाई गई हैं। साथ ही नेवी ने भी ऑपरेशन मदद शुरू कर दिया है। इसके अलावा एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम भी जुटी हैं। भारी बारिश का अंदजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते 3 दिनों में राज्य के पांच शहर ऐसे हैं जहां सामान्य से 5 गुना ज्यादा बारिश हुई है। लोगों के लिए 439 राहत कैंप लगाए गए हैं।
विज्ञापन

तिरुवनंतपुरम और कोलम में रिकॉर्ड तोड़ बारिश

3 of 12
राज्य के तिरुवनंतपुरम में 620 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है जबकि कोलम को 594 फीसदी से ज्यादा बारिश का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इड्डुकी में 430 फीसदी से ज्यादा बारिश हुई है। इतने सालों में ऐसा पहली बार हुआ जब इडुक्की बांध के पांच गेट खोलने पड़े। हर सेकेंड में इस बांध से 7.25 लाख लीटर पानी छोड़ जा रहा है। जिसकी वजह से पेरियार नदी में बाढ़ आ गई है और बांध 2403 फीट गहरा हो गया है।

400 से ज्यादा जवान तैनात

4 of 12
राज्य के अयानकुलु, इडुक्की और वायनाड में आर्मी के 400 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। 4 नेवी की टीमें और एक सी किंग हेलिकॉप्टर वायनाड में फंसे लोगों को निकालने में जुटा हुआ है।
विज्ञापन

11 जिलों में हाई अलर्ट, पर्यटकों को दूर रहने की सलाह

5 of 12
राज्य के 14 में से 11 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है और पर्यटकों को केरल से दूर रहने की सलाह दी गई है। केरल में शुक्रवार को 36.1 मिमी बारिश हुई जबकि 14.4 मिमी ही होनी चाहिए थी। इसका मतलब 150 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। 1 जून से अब तक 20 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। अभी तक 1839.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है जबकि औसतन 1536.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी।
विज्ञापन

37 पहुंची मृतकों की संख्या

6 of 12
राज्य में मृतकों की संख्या 37 पहुंच गई है। इनमें से कुछ की मौत भूस्खलन के कारण हुई है जबकि कुछ की मौत डूबने से हुई। वहीं यहां के मशहूर पर्यटन स्थल मुन्नार में फंसे 54 पर्यटकों को सेना की मदद से बचा लिया गया है। इनमें से 20 विदेशी पर्यटक हैं। ये रूस, सऊदी अरब और ओनाम के रहने वाले हैं। फिलहाल सरकार ने पर्यटकों को केरल से दूर रहने को कहा है।
विज्ञापन

पर्यटकों को भी हो रही परेशानी

7 of 12
केरल के इडुक्की जिले में मुन्नार स्थित रिजॉर्ट में 50 से ज्यादा पर्यटक पिछले दो दिनों से फंसे हुए हैं, जिनमें 24 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। भारी बारिश के चलते हुये भूस्खलन की चपेट में आने से रिजॉर्ट जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

पर्यटकों में इन देशों के लोग हैं शामिल

8 of 12
अधिकारियों ने बताया कि विदेशी पर्यटकों में रूस, सऊदी अरब और ओमान समेत कई देशों के पर्यटक शामिल हैं। केरल के पर्यटन मंत्री कदकम्पल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि मुन्नार के पल्लीवासल में प्लम जुडी रिजॉर्ट के सभी पर्यटक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सेना से सड़क को ठीक करने के लिए कहा है।

सीएम ने की मुआवजे की घोषणा

9 of 12
केरल के मुख्यमंत्री सीएम पिनाराई विजयन ने कहा, 'केरल भयंकर बाढ़ से गुजर रहा है और आपदा के कारण काफी नुकसान हुआ है। अपने घरों और भूमि को खोने वाले लोगों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और अपने परिवार के सदस्य को गंवाने वालों को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे।'

35,874 लोग ठहरे हैं शिविरों में

10 of 12
राज्य आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों का कहना है कि राज्य में 341 राहत शिविर लगाए गए हैं जिनमें कुल 35,874 लोग ठहरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि कुल 580 मकान आशिंक रूप से जबकि 44 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 1301 हेक्टेयर में फैली फसल भी नष्ट हो गई है।

शिविर में रहने वालों को भी दिए जाएंगे पैसे

11 of 12
सीएम विजयन ने वयनाड में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मुआवजे की घोषणा करते हुए कहा कि राहत शिविरों में रह रहे परिवारों को भी 3,800-3,800 रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। फेसबुक पोस्ट में भी सीएम ने कहा कि करोड़ों रुपये का कृषि नुकसान हुआ है और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
विज्ञापन

एनडीआरएफ के अफसर ने बाढ़ग्रस्त पुल से भागते हुए बचाई थी बच्चे की जान

12 of 12
राज्य में एनडीआरएफ के एक अफसर कन्हैया कुमार ने इड्डुकी के बाढ़ग्रस्त पुल से भागते हुए बच्चे की जान बचाई थी। उन्होंने बच्चे को कसकर पकड़ा हुआ था। जिसका एक वीडियो भी वायरल हुआ। उनसे जब बातचीत की गई को उन्होंने बताया कि 'आप लोग जो देख रहे हैं, ऐसे हालातों में मेरा छह साल का अनुभव था। मैंने उस परिस्थिति को भांप लिया था। तब मैंने सोचा कि मैं उस बच्चे को बचाकर सबसे पहले प्राथमिक उपचार के लिए लेकर जाउंगा और मैंने वही किया।'  
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें