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Crude oil : 20 साल के आंकड़ों से समझें कच्चे तेल और बाजार का संबंध, रूस-यूक्रेन युद्ध से पड़ा कितना असर

Sat, 17 Sep 2022 07:13 AM IST
निर्मल कांत अजीत सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कच्चा तेल जब 9 मार्च, 2004 को 30 डॉलर प्रति बैरल था, तब निफ्टी 1,400 पर था और 9 जुलाई, 2006 के दौरान कच्चा तेल 80 डॉलर प्रति बैरल था, तब निफ्टी 3,900 के स्तर पर पहुंच गया।
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कच्चा तेल - फोटो : pixabay
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विस्तार
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पिछले 20 सालों के रुझान बताते हैं कि जब भी कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के ऊपर जाती हैं तो यह बाजार के लिए नकारात्मक बन जाती हैं।

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फरवरी में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध होने से कच्चा तेल 100 डॉलर के पार हुआ था, तब बाजार टूटना शुरू हो गया था और सेंसेक्स 52,000 तक चला गया था। लेकिन जब कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के नीचे आनी शुरू हुईं तो सेंसेक्स 60,000 के आंकड़े को पार कर गया। 

2004 से 2007 में भी यही रुझान था
कच्चा तेल जब 9 मार्च, 2004 को 30 डॉलर प्रति बैरल था, तब निफ्टी 1,400 पर था और 9 जुलाई, 2006 के दौरान कच्चा तेल 80 डॉलर प्रति बैरल था, तब निफ्टी 3,900 के स्तर पर पहुंच गया।
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28 जून, 2007 को कच्चा तेल 70 डॉलर था तब निफ्टी 4,300 पर था, लेकिन 15 नवंबर, 2007 को कच्चा तेल 90 डॉलर के ऊपर पहुंचा तो निफ्टी 5,800 के ऊपर चला गया। 3 अक्तूबर, 2008 को कच्चा तेल 85 डॉलर पर पहुंचा तो निफ्टी 3,700 पर था।

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