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जानिए लालू के अबतक के घोटालों के बारे में, पहले भी पड़ चुके हैं आफत में

Fri, 07 Jul 2017 12:24 PM IST
amarujala.com-presented by: मोहित
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- फोटो : social media
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आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव के देशभर में 12 ठिकानों पर सीबीआई छापों के बाद एक बार फिर होटल टेंडर के मामले में सवालों के घेरे में हैं। साल 2006 में रेलवे का होटल निजी कंपनी को देने के मामले में सीबीआई अधिकारियों का तलाशी अभियान जारी है।सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी यादव, बेटे समेत कई अज्ञात के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है।
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यह पहला मौका नहीं है जब लालू पर घोटाले का आरोप लगा है, इससे पहले भी उनपर चारा घोटाला, जमीन घोटाला, मिट्टी घोटाला, बेनामी संपत्ति जैसे मामले चल रहे हैं। आइए जानते हैं लालू यादव पर चल रहे उन घोटालों के बार में  जिनका लेकर वह बुरी तरह जांच के घेरे में हैं-

चारा घोटाला
चारा घोटाले का खुलासा साल 1996 में सामने आया था। मामला बिहार पशुपालन विभाग में से करोड़ों रुपये के घोटाले से जुड़ा है। उस वक्त लालू यादव राज्य के सीएम थे। मामले में 90 के दशक की शुरूआत में बिहार के चाइबासा सरकारी खजाने से फर्जी बिल लगाकर 37.7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है।
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चारा घोटाले में कुल 950 करोड़ रुपये के गबन किए जाने का आरोप है । 'चारा घोटाला' मामले में कुल 56 आरोपियों के नाम शामिल हैं, जिनमें राजनेता, अफसर और चारा सप्लायर तक जुड़े हुए हैं। आपको बता दें कि इस घोटाले से जुड़े 7 आरोपियों की मौत हो चुकी है जबकि 2 सरकारी गवाह बन चुके हैं तथा 1 ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और एक आरोपी को कोर्ट से बरी किया जा चुका है । इसका केस अभी भी चल रहा है।
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टेंडर नियमों की अनदेखी करते हुए प्राइवेट कंपनियों को दिया

- फोटो : अमर उजाला
बेनामी संपत्ति
बेनामी संपत्ति मामले में लालू यादव की बेटी मीसा भारती भी विवादों में घिर चुकी हैं। दिल्ली में आयकर विभाग ने उनसे कई बार पूछताछ भी की है। 

जमीन घोटाला
मामला 2006 का है। उस वक्त रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव थे। सीबीआई को लगता है कि लालू ने रेलवे के होटलों की चेन बीएनआर होटल ग्रुप के रखरखाव का ठेका यानी टेंडर नियमों की अनदेखी करते हुए प्राइवेट कंपनियों को दिया था और इसकी एवज में उन्हें जमीन दी गई थी। इस आरोप के मद्देनजर शुक्रवार को 12 अलग-अलग जगहों पर सीबीआई तलाशी कर रही है। निजी कंपनी ने टेंडर के बदले लालू को फायदा दिया। कंपनी ने टेंडर के बदले लालू को बड़ी जमीन दी। उस जमीन पर पटना में मॉल का निर्माण किया गया। 

मिट्टी घोटाला
लालू यादव मिट्टी घोटाले में भी फंस हुए हैं। विपक्ष के नेता सुशील मोदी ने उनपर आरोप लगाया है कि लालू के दोनों बेटों और बेटी चंदा यादव पटना के सुगना मोड़ पर बन रहे शॉपिंग मॉल के लिए जमीन से निकाली गई मिट्टी को पटना चिड़ियाघर को बेचा दिया। मिट्टी की कीमत 90 लाख रुपये रखी गई, गौरतलब है कि जिस उद्यान को मिट्टी बेची गई वह बिहार के पर्यावरण और वन विभाग के अंतर्गत आती है जिसका मंत्रालय लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप के हाथ में है।


  
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