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सामान्य परिवार के सुनील अरोड़ा का आईएएस अधिकारी से मुख्य चुनाव आयुक्त बनने तक का सफर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 03 Dec 2018 05:30 AM IST
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सुनील अरोड़ा - फोटो : PTI

सुनील अरोड़ा ने रविवार को निर्वाचन आयोग के 23वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पदभार संभाल लिया है। उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नियुक्त किया है। अरोड़ा ने ओपी रावत की जगह ये पद ग्रहण किया है। इससे पहले विधि मंत्रालय ने भी मंगलवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए कहा था कि चुनाव आयोग ने सबसे वरिष्ठ निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में नियुक्त किया है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव रह चुके सुनील अरोड़ा राजस्थान कैडर के 1980 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। अब उन्हीं की देखरेख में 2019 का लोकसभा चुनाव होगा। अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ-साथ जम्मू एवं कश्मीर, ओडिशा, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसकी पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा की होगी, बता दें कि अरोड़ा की नियुक्ति 31 अगस्त 2017 को हुई थी।



यह भी पढ़ें- पूर्व चुनाव आयुक्त रावत ने कहा, नोटबंदी का कालेधन पर नहीं पड़ा कोई असर

सामान्य परिवार से निकल बनाई अलग पहचान

सुनील अरोड़ा एक पढ़े लिखे सामान्य परिवार से आते हैं। वह मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने वहीं से अपनी पढ़ाई पूरी की है। अरोड़ा के पिता जालंधर में रेलवे में अकाउंट्स ऑफिसर थे। जबकि उनकी मां डीएवी कॉलेज होशियारपर में गर्ल्स सेक्शन की इंचार्ज थीं।
 
उनकी माता पुष्पलता 1954 से 1989 तक डीएवी कालेज गर्ल्स सेक्शन की इंचार्ज रहीं। शुरुआती शिक्षा होशियारपुर के विद्या मंदिर स्कूल और दयानंद मॉडल स्कूल से हुई, जिसके बाद डीएवी और वहां से डीएवी कॉलेज होशियापुर से सुनील ने बीए तक की पढ़ाई की। किया इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी से एमए करने के बाद सुनील यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी पढ़ाने लगे।

लेकिन पढ़ाई से उनका विशेष लगाव था जिसकी वजह से उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और प्रतियोगिता परीक्षाओं में शामिल होते रहे और 1980  में वह आईएएस बने। सुनील अरोड़ा के दो भाई हैं। उनके एक भाई संजीव अरोड़ा हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं तथा दूसरे भाई राजीव अरोड़ा आईएफएस अधिकारी हैं।
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यह भी पढ़ें- सुनील अरोड़ा ने संभाला देश के 23वें मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यभार

अरोड़ा के पद संभालने के बाद दो राज्यों के विधानसभा चुनाव 

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में से तीन में मतदान हो चुके हैं। सुनील अरोड़ा के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद अब दो राज्य बचे हैं जहां मतदान होने हैं। ये दो राज्य हैं तेलंगाना और राजस्थान। पांच राज्यों में हुए चुनावों के परिणाम 11 दिसंबर के आएंगे। 

यह भी पढ़ें- रिटायर होने से पहले भावुक हुए मुख्य चुनाव आयुक्त, बोले- बस एक बात का रह गया मलाल

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सुनील अरोड़ा - फोटो : PTI
सुनील अरोड़ा ने रविवार को निर्वाचन आयोग के 23वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पदभार संभाल लिया है। उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नियुक्त किया है। अरोड़ा ने ओपी रावत की जगह ये पद ग्रहण किया है। इससे पहले विधि मंत्रालय ने भी मंगलवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए कहा था कि चुनाव आयोग ने सबसे वरिष्ठ निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में नियुक्त किया है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव रह चुके सुनील अरोड़ा राजस्थान कैडर के 1980 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। अब उन्हीं की देखरेख में 2019 का लोकसभा चुनाव होगा। अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ-साथ जम्मू एवं कश्मीर, ओडिशा, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसकी पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा की होगी, बता दें कि अरोड़ा की नियुक्ति 31 अगस्त 2017 को हुई थी।

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सामान्य परिवार से निकल बनाई अलग पहचान

सुनील अरोड़ा एक पढ़े लिखे सामान्य परिवार से आते हैं। वह मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने वहीं से अपनी पढ़ाई पूरी की है। अरोड़ा के पिता जालंधर में रेलवे में अकाउंट्स ऑफिसर थे। जबकि उनकी मां डीएवी कॉलेज होशियारपर में गर्ल्स सेक्शन की इंचार्ज थीं।
 
उनकी माता पुष्पलता 1954 से 1989 तक डीएवी कालेज गर्ल्स सेक्शन की इंचार्ज रहीं। शुरुआती शिक्षा होशियारपुर के विद्या मंदिर स्कूल और दयानंद मॉडल स्कूल से हुई, जिसके बाद डीएवी और वहां से डीएवी कॉलेज होशियापुर से सुनील ने बीए तक की पढ़ाई की। किया इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी से एमए करने के बाद सुनील यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी पढ़ाने लगे।

लेकिन पढ़ाई से उनका विशेष लगाव था जिसकी वजह से उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और प्रतियोगिता परीक्षाओं में शामिल होते रहे और 1980  में वह आईएएस बने। सुनील अरोड़ा के दो भाई हैं। उनके एक भाई संजीव अरोड़ा हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं तथा दूसरे भाई राजीव अरोड़ा आईएफएस अधिकारी हैं।

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अरोड़ा के पद संभालने के बाद दो राज्यों के विधानसभा चुनाव 

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में से तीन में मतदान हो चुके हैं। सुनील अरोड़ा के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद अब दो राज्य बचे हैं जहां मतदान होने हैं। ये दो राज्य हैं तेलंगाना और राजस्थान। पांच राज्यों में हुए चुनावों के परिणाम 11 दिसंबर के आएंगे। 

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इन मुख्य पदों पर रह चुके हैं सुनील अरोड़ा

सुनील अरोड़ा - फोटो : PTI
62 वर्षीय सुनील अरोड़ा अब तक कई बड़े पदों को संभाल चुके हैं-

सरकारी कामकाज  का सुनील अरोड़ा को लंबा अनुभव रहा है। सुनील को राजस्थान में लंबे समय तक रहे हैं। इस दौरान में वह मुख्यमंत्री मुख्यसचिव और प्रधानसचिव के पद पर कार्यरत रहे। प्रशासन की गहरी समझ रखने वाले सुनील अरोड़ा को समय-समय पर महत्वपूर्ण पद पर रहे। यही नहीं वह नागरिक विमानन मंत्रालय  में भी लंबे समय तक संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत रहे हैं।


- सुनील अरोड़ा ने साल 1999-2002 के बीच नागरिक विमानन मंत्रालय में संयुक्त सचिव का पद संभाला था।

-  इंडियन एयरलाइंस के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी)  के पद पर वह पांच साल तक रह चुके हैं। इन पदों पर 2 साल तक अरोड़ा के पास अतिरिक्त प्रभार रहा जबकि 3 साल उनके पास पूर्णकालिक प्रभार रहा।

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-  अरोड़ा वित्त, कपड़ा एवं आयोग जैसे मंत्रालयों एवं विभागों में भी विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 

- सुनील अरोड़ा राजस्थान में अलवर, नागौर, धौलपुर और जोधपुर जैसे जिलों में तैनात रह चुके हैं।

- वह साल 1993-1998 के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव पद पर नियुक्त रहे थे।

- साल 2005-2008 के दौरान अरोड़ा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रह चुके हैं।
 
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- अरोड़ा राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क, उद्योग एवं निवेश विभागों में भी काम कर चुके हैं।

- अरोड़ा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स के डायरेक्टर जनरल भी रहे हैं।
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