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Gyanvapi Dispute: जानिए उन छह महिलाओं के बारे में, जिनके कारण चर्चा में आया ज्ञानवापी का विवाद

Thu, 17 Nov 2022 04:48 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

किरण पहली ऐसी महिला नहीं हैं, जिन्होंने ज्ञानवापी को लेकर याचिका दायर की है। इसके पहले भी पांच महिलाओं के एक समूह ने इसको लेकर कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। इन पांच महिलाओं की याचिका की वजह से ही ज्ञानवापी परिसर का सर्वे हुआ था। 
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ज्ञानवापी के लिए याचिका दायर करने वाली महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फास्ट ट्रैक कोर्ट के आदेश के बाद ज्ञानवापी परिसर एक बार फिर से चर्चा में है। कोर्ट का ये आदेश विश्व वैदिक सनातन संघ की महामंत्री किरण सिंह की याचिका पर आया है। किरण पहली ऐसी महिला नहीं हैं, जिन्होंने ज्ञानवापी को लेकर याचिका दायर की है। इसके पहले भी पांच महिलाओं के एक समूह ने इसको लेकर कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। इन पांच महिलाओं की याचिका की वजह से ही ज्ञानवापी परिसर का सर्वे हुआ था। 
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आज जिस याचिका पर फैसला आया, उसे 24 मई को किरण सिंह ने दायर की थी। इसमें ज्ञानवापी परिसर में मुसलमानों के नमाज पढ़ने पर रोक लगाने, परिसर को हिंदुओं को सौंपने और सर्वे के दौरान कथित तौर पर परिसर में मिले शिवलिंग की नियमित पूजा करने की अनुमति देने की मांग की गई थी।
ये याचिका ज्ञानवापी परिसर के सर्वे होने के बाद दायर की गई थी। मई में हुए सर्वे के बाद से दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। एक ओर हिन्दू पक्ष का दावा है कि मस्जिद के वजूखाने में 12.8 फीट व्यास का शिवलिंग मिला है। वहीं, मुस्लिम पक्ष इस तरह की किसी भी चीज के मिलने के दावे को खारिज कर रहा है।  
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यूं तो इस परिसर को लेकर सालों से विवाद चल रहा है, लेकिन जब से कोर्ट के आदेश पर सर्वे हुआ है, तब से इस मामले ने ज्यादा तूल पकड़ लिया। ऐसे में आज हम उन सभी छह महिलाओं के बारे में बताएंगे, जिनकी वजह से ज्ञानवापी परिसर और काशी विश्वनाथ मंदिर दोबारा चर्चा में है। 
 

कहानी उन पांच महिलाओं की, जिनकी याचिका पर सर्वे हुआ था
1. राखी सिंह  
दिल्ली के हौज खास की रहने वाली राखी सिंह इस मामले की अगुवाई कर रहीं थीं। इस पूरे मामले को 'राखी सिंह और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश सरकार' नाम दिया गया। राखी के पति का नाम इंद्रजीत सिंह है। इनका दूसरा घर लखनऊ के हुसैनगंज में है। 

2. लक्ष्मी देवी 
ज्ञानवापी मामले में दूसरी याचिकाकर्ता लक्ष्मी देवी हैं। लक्ष्मी वाराणसी के महमूरगंज इलाके की रहने वाली हैं। पति डॉक्टर सोहन लाल आर्य ने भी 1996 में ज्ञानवापी को लेकर अदालत में एक मामला दर्ज कराया था। इसके बाद ज्ञानवापी का निरीक्षण भी हुआ था, लेकिन कोई सर्वे नहीं हो सका। लक्ष्मी ने मीडिया को बताया कि पति भी चाहते थे कि मैं इस मामले को उठाऊं। ये मां शृंगार गौरी का मुद्दा है। इसलिए मैंने याचिका दायर की। 
 

3. सीता साहू
वाराणसी के चेतगंज की रहने वाली सीता साहू इस मामले में तीसरी याचिकाकर्ता हैं। सीता समाज सेविका हैं। पति का नाम बाल गोपाल साहू है। सीता का कहना है, वह कई बार मां शृंगार गौरी की पूजा करने आ चुकी हैं। उनका दावा है कि मां शृंगार गौरी का मंदिर मस्जिद के अंदर बना है, लेकिन हम लोग अंदर नहीं जा सकते। इसकी अनुमति नहीं है। सिर्फ बाहर से पैर छू पाते हैं। 

4. मंजू व्यास 
ज्ञानवापी मामले में चौथी याचिकाकर्ता मंजू व्यास भी वाराणसी की रहने वाली हैं। यहां उनका राम घाट में घर है। पति का नाम विक्रम व्यास है। मंजू भी समाज सेविका हैं। वह कहती हैं, रोजाना मां शृंगार गौरी के दर्शन की अनुमति होनी चाहिए। अभी हम लोग चौखट के दर्शन करके लौट आते हैं। 
 

ज्ञानवापी परिसर - फोटो : अमर उजाला
5. रेखा पाठक 
पांचवीं याचिकाकर्ता रेखा पाठक भी वाराणसी की रहने वाली हैं। रेखा का घर वाराणसी के हनुमान फाटक के पास है। पति का नाम अतुल कुमार पाठक है। रेखा कहती हैं, ज्ञानवापी हम सभी के आस्था का केंद्र बिंदु है। इसपर कब्जा हुआ है। इसे छुड़ाने तक ये लड़ाई जारी रहेगी। 
 
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6. किरण सिंह
विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन की पत्नी और संघ की महामंत्री किरण सिंह ने अलग से याचिका दायर की है। इस याचिका में ज्ञानवापी परिसर को मंदिर का हिस्सा बताते हुए हिंदुओं को सौंपने और वहां मिले शिवलिंग के दर्शन- पूजन की मांग की गई थी। 
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