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मौसम की स्थिति बताने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं कई रंगों के अलर्ट, रेड बताता है खतरनाक स्थिति

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 24 Sep 2018 03:27 PM IST
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अक्सर हम मौसम की खबर पढ़ते हुए देखते हैं कि कहीं पर रेड अलर्ट जारी किया जाता है तो कहीं पर ऑरेंज। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार (24 सितंबर) को दिल्ली में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं केरल के सभी जिलों में लगाए गए ऑरेंज अलर्ट को हटा लिया गया है। लेकिन ये समझने में कई लोगों को परेशानी होती है कि किस अलर्ट का मतलब क्या है।

मौसम विभाग द्वारा मौसम से संबंधित चेतावनी देने के लिए रेड अलर्ट, ऑरेंज अलर्ट, येलो अलर्ट आदि जारी किया जाता है। कई बार अखबार में भी भारत के नक्शे पर रेड, ऑरेंज, येलो और ग्रीन अलर्ट रेखाओं के रूप में दर्शाए जाते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि रंगों का चुनाव कई एजेंसियों के साथ मिलकर किया जाता है।



यह भी पढ़ें- दिल्ली सहित इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, हिमाचल-उत्तराखंड का बुरा हाल

मौसम विभाग के अनुसार भीषण गर्मी, सर्द लहर, मानसून या चक्रवाती तूफान आदि के बारे में जानकारी देने के लिए इन रंगों के अलर्ट का इस्तेमाल किया जाता है। ठीक इसी तरह से चक्रवाती तूफानों की भीषणता के बारे में भी कलर कोड का इस्तेमाल किया जाता है। यानि भीषणता के माध्यम से रंग बदलते रहते हैं। चलिए जानते हैं कि किस रंग के अलर्ट का मतलब क्या है-

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अक्सर हम मौसम की खबर पढ़ते हुए देखते हैं कि कहीं पर रेड अलर्ट जारी किया जाता है तो कहीं पर ऑरेंज। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार (24 सितंबर) को दिल्ली में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं केरल के सभी जिलों में लगाए गए ऑरेंज अलर्ट को हटा लिया गया है। लेकिन ये समझने में कई लोगों को परेशानी होती है कि किस अलर्ट का मतलब क्या है।

मौसम विभाग द्वारा मौसम से संबंधित चेतावनी देने के लिए रेड अलर्ट, ऑरेंज अलर्ट, येलो अलर्ट आदि जारी किया जाता है। कई बार अखबार में भी भारत के नक्शे पर रेड, ऑरेंज, येलो और ग्रीन अलर्ट रेखाओं के रूप में दर्शाए जाते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि रंगों का चुनाव कई एजेंसियों के साथ मिलकर किया जाता है।

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मौसम विभाग के अनुसार भीषण गर्मी, सर्द लहर, मानसून या चक्रवाती तूफान आदि के बारे में जानकारी देने के लिए इन रंगों के अलर्ट का इस्तेमाल किया जाता है। ठीक इसी तरह से चक्रवाती तूफानों की भीषणता के बारे में भी कलर कोड का इस्तेमाल किया जाता है। यानि भीषणता के माध्यम से रंग बदलते रहते हैं। चलिए जानते हैं कि किस रंग के अलर्ट का मतलब क्या है-

ये होता है इन सभी अलर्ट का मतलब

ग्रीन अलर्ट

कई बार मौसम विभाग द्वारा ग्रीन अलर्ट जारी किया जाता है। इसका मतलब होता है कि संबंधित जगह पर कोई खतरा नहीं है।

येलो अलर्ट

मौसम विभाग येलो अलर्ट का प्रयोग लोगों को सचेत करने के लिए करता है। इसका मतलब होता है खतरे के प्रति सचेत रहें। बता दें यह अलर्ट जस्ट वॉच का सिग्नल है।

ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग का कहना है कि जैसे जैसे मौसम खराब होता है, वैसे ही येलो अलर्ट को अपडेट करके ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है। इसका मतलब होता है खतरे के प्रति तैयार रहें। इस अलर्ट के तहत लोगों को इधर उधर जाने के प्रति सावधानी बरतने को कहा जाता है।

रेड अलर्ट

रेड अलर्ट का मतलब होता है खतरनाक स्थिति। मौसम विभाग का कहना है कि जब मौसम खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है और भारी नुकसान होने का खतरा रहता है तो रेड अलर्ट जारी किया जाता है।
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