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Presidential Elections: द्रौपदी मुर्मू ने हासिल की एतिहासिक जीत, आइए जानते हैं अब तक के रोचक चुनाव

Fri, 22 Jul 2022 06:49 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

2017 में रामनाथ कोविंद ने आसान जीत हासिल की थी। तब रामनाथ कोविंद को 702,044 (65.65%) मत प्राप्त हुए थे। वहीं उपविजेता मीरा कुमार को मिले 367,314 (34.35%) मत मिले थे। वहीं  द्रौपदी मुर्मू को कुल 2824 वोट मिले। इन मतों का मूल्य 6,76,803 रहा है।
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राष्ट्रपति भवन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देश के सबसे बड़े सांविधानिक पद के लिए हुआ यह सोहलवां चुनाव ही नहीं बल्कि अभी तक का हर चुनाव रोचक रहा है और हर महामहिम कुछ खास। आइए जानते हैं...

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1950 : डॉ. राजेंद्र प्रसाद निर्विरोध पहले राष्ट्रपति बने
पहले राष्ट्रपति की नियुक्ति 24 जनवरी 1950 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद के रूप में हुई। वह इकलौते नामित थे, इसलिए निर्विरोध चुने गए। इसी दिन संविधान सभा ने अपनी आखिरी बैठक में ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान चुना, संविधान की हिंदी प्रतिलिपि पर हस्ताक्षर भी किए।
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समर्पण : 25 जनवरी को डॉ. राजेंद्र प्रसाद की बहन भगवती
देवी का देहांत हो गया, राष्ट्रपति 26 जनवरी को देश के पहले गणतंत्र दिवस आयोजन में शामिल हुए और फिर अंतिम संस्कार में।

1952 : पहला राष्ट्रपति चुनाव
डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रपति बने : 5,07,400 (83.81%) मत
प्रतिद्वंद्वी केटी शाह को 92,827 मत।
लक्ष्मण थाट्टे को 2,672, चौधरी हरिराम को 1,954 और कृष्ण चटर्जी को 533 वोट मिले।

1957 : डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने दूसरी बार जीता चुनाव
डॉ. राजेंद्र प्रसाद को 4,59,698  (99.99%) मत मिले।
चौधरी हरिराम को 2,672 मत।
डॉ. प्रसाद दूसरी बार चुनाव जीतने वाले देश की इकलौती शख्सियत।

1962 : डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
डॉ. राधाकृष्णन को 5,53,067 (98.24%) मत मिले।
प्रतिद्वंद्वी चौधरी हरिराम को 6,341 मत मिले...दो बार दूसरे नंबर पर रहने वाले इकलौते व्यक्ति।

1967 : डॉ. जाकिर हुसैन
डॉ. हुसैन को मिले 4,71,244 (56.23%) मत।   पहले राष्ट्रपति, जिनका पद पर रहते देहांत हुआ।
प्रतिद्वंद्वी कोका सुब्बाराव को 3,63,971 (43.43%)। नौवें मुख्य न्यायाधीश थे...चुनाव से पहले रिटायर हुए।

1969 : वराह वेंकट गिरि
गिरि को 4,01,515 (48%) मत।
नीलम संजीव रेड्डी - 3,13,548
गिरि एकमात्र राष्ट्रपति, जिन्हें 50% से कम वोट मिले...देश में पहली बार सेकंड प्रिफरेंस यानी दूसरी पसंद चुनने का मौका मिला। वोट गुप्त रखे, बैलेट पेपर पर नंबर छापे गए।
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1974 : फखरुद्दीन अली अहमद
फखरुद्दीन अली को 7,65,587, (80.18%) मत
त्रिदिव चौधरी को 1,89,186, (19.81%) मत
फखरुद्दीन ने ही की थी आपातकाल की औपचारिक घोषणा।

1977 : नीलम संजीव रेड्डी
37 आवेदन आए, लेकिन 36 निरस्त हुए। रेड्डी निर्विरोध चुने गए।
64 वर्षीय रेड्डी उस समय राष्ट्रपति बनने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे।

1982 : ज्ञानी जैल सिंह
जैल सिंह को मिले 7,54,113, (72.73%) मत
हंसराज खन्ना को  मिले 2,82,685 (27.26%) मत।
पहले और इकलौते सिख राष्ट्रपति।

1987 : आर वेंकटरमण
आर वेंकटरमण को 7,40,148 (72.28%) वोट मिले।
प्रतिद्वंद्वी वीआर कृष्णा अय्यर को 2,81,550 (27.49%) वोट मिले।
पहले ऐसे राष्ट्रपति...जिन्हाेंने चुनाव में बहुमत न पाने के बावजूद सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए बुलाया।

1992 : डॉ. शंकर दयाल शर्मा
डॉ. शर्मा को मिले 675,804 (65.85%) मत
जॉर्ज गिलबर्ट स्वेल को 346,485 (33.76%)
चार पीएम के साथ काम करने वाले पहले राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति थे।

1997 : डॉ. केआर नारायणन
नारायणन काे मिले 956,290 (94.97%) वोट
टीएन शेषन को 50,631 (5.02%) वोट मिले।
देश के पहले दलित राष्ट्रपति बने।

2002 : डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम
डॉ. अब्दुल कलाम को 9,22,994 (89.58%) वोट मिले।
प्रतिद्वंद्वी लक्ष्मी सहगल को मिले 1,07,366 (10.42%) वोट।
सपा, राकांपा के कलाम को समर्थन की घोषणा के बाद डॉ. नारायणन ने दूसरे कार्यकाल के लिए दावा नहीं किया।

2007 : प्रतिभा पाटिल
प्रतिभा पाटिल को 638,116 (65.8%) वोट। पहली महिला राष्ट्रपति बनीं।
प्रतिद्वंद्वी भैरोंसिंह शेखावत को 331,306 (34.2%) वोट मिले।

2012 : प्रणब मुखर्जी
मुखर्जी को मिले 713,763 (69.3%) वोट।
पीए संगमा -315,987 (30.7%) वोट
जद-यू, सपा व शिवसेना ने मुखर्जी को समर्थन की घोषणा की। कलाम ने खुद को रेस से बाहर बताया।

2017 : कोविंद ने हासिल की आसान जीत
रामनाथ कोविंद को 702,044 (65.65%) मत
उपविजेता मीरा कुमार को मिले 367,314 (34.35%) मत।
देश के दूसरे दलित राष्ट्रपति कोविंद...अपने कार्यकाल में आईं सभी 6 दया याचिकाएं नकारीं।

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