आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जो पक्षियों की सामूहिक आत्महत्या को लेकर मशहूर है। यह जगह है जतिंगा घाटी। जो कि भारत के उत्तर पूर्वी राज्य असम के जतिंगा गांव में स्थित है। माना जाता है कि यहां एक पक्षी नहीं बल्कि उनका पूरा समूह एक साथ आत्महत्या करता है। चलिए जानते हैं कि उनका ऐसा करने के पीछे की वजह-
विज्ञापन
एक निश्चित समय पर होता है सब
2 of 5
बताया जाता है कि मानसून के अंत में विशेष रूप से जब यहां चंद्रमा नहीं होता है, तभी कोहरे भरी रात में शाम 6 बजे से रात 9 बजकर 30 मिनट के बीच में ये घटना होती है।
विज्ञापन
बताई जाती हैं अलग-अलग वजह
3 of 5
ऐसा होने के पीछे की वजह भी अलग-अलग बताई जाती है। यहां के लोग मानते हैं कि ऐसा होने के पीछे भूत प्रेत और अदृश्य ताकतों का हाथ है। वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि रात को चलने वाली तेज हवाओं से पक्षियों का संतुलन बिगड़ जाता है। यहां कंटीले और घने जंगल भी है। इसके साथ ही यहां रोशनी भी नहीं होती है जिस कारण वह पेड़ से टकरा जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है।
सरकार ने गुत्थी सुलझाने के लिए डॉक्टर को किया था नियुक्त
4 of 5
भारत सरकार ने पक्षियों की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए प्रसिद्ध पक्षी विशेषज्ञ डॉ. सेन गुप्ता को नियुक्त किया था। इस पर लंबा अध्ययन करने के बाद उन्होंने बताया कि पक्षियों के ऐसा करने के पीछे मौसम और चुंबकीय शक्तियां जिम्मेदार हैं।
इस घाटी में 44 जातियों के स्थानीय पक्षी रहते हैं। जिनमें टाइगर बिट्टर्न, ब्लैक बिट्टर्न, लिटिल इहरेट, पॉन्ड हेरॉन, इंडियन पिट्टा और किंगफिशर आदि शामिल हैं।