उज्जैन में महाकाल के दर्शन के लिए दुनिया भर से श्रद्धालु आते हैं । श्रावन मास में इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है क्योंकि ये मास महादेव को प्रिय है और इस मास में पूजा करने से विशेष लाभ होता है। पूरे श्रावन मास में उज्जैन मेें महाकाल ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। इस सोमवार महाकाल की सवारी निकाली गई जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनो ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
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शिवराज सिंह चौहान
श्रावण के आखिरी सोमवार को महाकालेश्वर की चौथी सवारी निकाली जाती है। इस यात्रा में महाकाल ने नंदी रथ पर उमा-महेश स्वरूप में दर्शन दिए। पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरूड़ पर तांडव स्वरूप के दर्शन हुए। सवारी में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मत्था टेक कर पालकी उठाई और झांझ बजाते हुए पूरी सवारी में पैदल चले।
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ज्योतिरादित्य सिंधिया
वही प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्व ग्वालियर स्टेट की ओर से गोपाल मंदिर के सामने पालकी का पूजन किया। वे यहां से बेगमबाग तक सवारी के साथ पैदल चले। भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सिंधिया के लिए अलग से रस्सा मंगाना पड़ा।
सवारी शाम 4 बजे महाकाल मंदिर से शुरू हुई, जो पारंपरिक मार्गों से होकर रामघाट पहुंची। जहां पूजन के बाद फिर मंदिर लौटी। इससे पहले मंदिर के सभा मंडप में मुख्यमंत्री चौहान, पत्नी साधना सिंह ने भगवान के मुखौटे का पूजन कर पालकी में विराजमान कराया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जयभानसिंह पवैया भी मौजूद रहे।