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Kisan Andolan: शंभू सीमा की 'गुप्त वार्ता' पर क्यों भड़के किसान? जालंधर, दिल्ली बैठक में तय होगी आगे की रणनीति

आशीष तिवारी
Updated Fri, 16 Feb 2024 06:49 PM IST

सार

किसान मोर्चा के प्रवक्ता टी. कृष्णप्रसाद कहते हैं कि केंद्र सरकार आमजन के मुद्दों के साथ किसानों के अहम मुद्दों पर ध्यान भटका रही है। वही वजह है कि संगठन को देशव्यापी बड़ा आंदोलन करना पड़ा। संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक केंद्र सरकार अभी भी शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसानों के संघर्ष को गंभीरता से नहीं ले रही है...
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Kisan Andolan - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt


संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों के मुताबिक एसकेएम पंजाब इकाई की 18 फरवरी को जालंधर में बैठक होनी तय है। इसके बाद नई दिल्ली में एनसीसी और जनरल बॉडी की बैठकें होंगी, जिसमें एसकेएम की केंद्रीय समिति के साथ मिलकर आगे की रणनीति के मुताबिक अंतिम रूप दिया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा से संबंध रखने वाले किसान नेताओं का कहना है कि लखीमपुर खीरी नरसंहार के दोषियों को सजा के साथ एमएसपी समेत ऋण माफी और किसानों की आत्महत्या को समाप्त करने लिए उनका मोर्चा संकल्बबद्ध हैं। जब तक इस मामले केंद्र सरकार कोई बड़ा फैसला नहीं लेगी, तब तक किसानों का आंदोलन चलता रहेगा।

इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा का आरोप है कि किसानों के मामले में केंद्र सरकार लगातार झूठ बोलती आ रही है। किसान मोर्चा के प्रवक्ता टी. कृष्णप्रसाद कहते हैं कि केंद्र सरकार ने दिसंबर 2021 में एमएसपी और अन्य मांगों पर विचार करने के लिए एक समिति बनाने का वादा किया। सात महीने बाद केंद्र सरकार ने इन लोगों को लेकर एक समिति बनाई, जो खुले तौर पर एमएसपी देने का विरोध कर रहे थे और उन्होंने अपने एजेंडे में फसल विविधीकरण और शून्य बजट प्राकृतिक खेती को जोड़ा हुआ है। संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि जिस तरीके की साजिश केंद्र सरकार की ओर से किसानों के लिए की जा रही है, वह आने वाले दिनों में एक बड़े आंदोलन के तौर पर सामने आएगी। फिलहाल आंदोलन को लेकर एक बड़ी रणनीति जालंधर और उसके बाद दिल्ली में आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में तय होगी।

 

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