संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों के मुताबिक एसकेएम पंजाब इकाई की 18 फरवरी को जालंधर में बैठक होनी तय है। इसके बाद नई दिल्ली में एनसीसी और जनरल बॉडी की बैठकें होंगी, जिसमें एसकेएम की केंद्रीय समिति के साथ मिलकर आगे की रणनीति के मुताबिक अंतिम रूप दिया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा से संबंध रखने वाले किसान नेताओं का कहना है कि लखीमपुर खीरी नरसंहार के दोषियों को सजा के साथ एमएसपी समेत ऋण माफी और किसानों की आत्महत्या को समाप्त करने लिए उनका मोर्चा संकल्बबद्ध हैं। जब तक इस मामले केंद्र सरकार कोई बड़ा फैसला नहीं लेगी, तब तक किसानों का आंदोलन चलता रहेगा।
इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा का आरोप है कि किसानों के मामले में केंद्र सरकार लगातार झूठ बोलती आ रही है। किसान मोर्चा के प्रवक्ता टी. कृष्णप्रसाद कहते हैं कि केंद्र सरकार ने दिसंबर 2021 में एमएसपी और अन्य मांगों पर विचार करने के लिए एक समिति बनाने का वादा किया। सात महीने बाद केंद्र सरकार ने इन लोगों को लेकर एक समिति बनाई, जो खुले तौर पर एमएसपी देने का विरोध कर रहे थे और उन्होंने अपने एजेंडे में फसल विविधीकरण और शून्य बजट प्राकृतिक खेती को जोड़ा हुआ है। संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि जिस तरीके की साजिश केंद्र सरकार की ओर से किसानों के लिए की जा रही है, वह आने वाले दिनों में एक बड़े आंदोलन के तौर पर सामने आएगी। फिलहाल आंदोलन को लेकर एक बड़ी रणनीति जालंधर और उसके बाद दिल्ली में आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में तय होगी।