बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ शुरू हुए आंदोलन के बाद से देशभर में अल्पसंख्यकों पर हिंसा की खबरें तेज हो गई। आज राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एक लिखित जवाब में इस बात का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों पर अत्याचार मामले में गहन जांच की उम्मीद जताई है।
छात्र आंदोलन के साथ बांग्लादेश में शुरू हुई हिंसा ने देश का तख्त पलट दिया और देशभर में अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा की खबरे भी बढ़ने लगी। इसी बीच भारत सरकार ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर चिंता जताई है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि 5 अगस्त 2024 से 23 मार्च 2025 तक बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों से संबंधित 2,400 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं।
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भारत सरकार ने गहन चर्चा की जताई उम्मीद
राज्यसभा में चर्चा के दौरान विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बांग्लादेश सरकार से इन घटनाओं की गहन जांच करने की उम्मीद जताई है। साथ ही कहा कि किसी भी घटना को राजनीति से प्रेरित न बताकर सभी अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।
सिंह ने बताया कि 5 अगस्त 2024 से 23 मार्च 2025 तक बांग्लादेश में 2,400 से ज्यादा ऐसी घटनाएं हुईं, जो अल्पसंख्यकों से जुड़ी थीं। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश इन घटनाओं की गहरी जांच करेगा और जो लोग अल्पसंख्यकों के खिलाफ हत्या, आगजनी या हिंसा में शामिल हैं, उन्हें सजा दिलवाएगा। यह भी कहा गया है कि इन घटनाओं को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
साथ ही उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सरकार ने 10 दिसंबर 2024 को एक प्रेस वार्ता में बताया था कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों से संबंधित 88 मामलों में 70 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जनवरी 2025 में पुलिस ने 1,254 घटनाओं की पुष्टि की थी।
अल्पसंख्यकों पर हमले को लेकर सख्त भारत
गौरतलब है कि भारत सरकार ने इस मुद्दे को कई बार बांग्लादेश सरकार के सामने उठाया है। 16 फरवरी को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश के विदेश सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन के साथ बैठक के दौरान इस मामले पर अपनी चिंता दोहराई थी। मंत्री ने कहा था कि बांग्लादेश सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने देश के सभी नागरिकों, विशेष रूप से अल्पसंख्यकों, के जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा करे।