देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर भाजपा ने कश्मीर के भारत विलय में बाधा बनने और निजी एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा, कश्मीर के महाराजा हरि सिंह आजादी से पहले ही अपनी रियासत का भारत में विलय चाहते थे, लेकिन नेहरू ने ऐसा नहीं होने दिया।
ये गलतियां भी बताईं
यह भ्रांति फैलने दी गई कि यूएन का जनमत संग्रह का आदेश भारत रोक रहा है। जबकि जनमत संग्रह की पहली शर्त युद्धविराम थी और दूसरी पाकिस्तानी सैनिकों की वापसी। इसके बाद जनमत संग्रह होना था। पाकिस्तान ने अपने सैनिक वापस ही नहीं लिए तो जनमत संग्रह संभव ही नहीं था।
निजी एजेंडा बढ़ा रहे थे आगे... मित्र को दिलाना चाहते थे सत्ता
20 अक्तूबर 1947 को पाकिस्तान द्वारा कश्मीर पर हमले से भी नेहरू पर असर नहीं पड़ा। तब भी हरि सिंह ने नेहरू से विलय का फिर निवेदन किया। इस समय भी नेहरू निजी एजेंडा आगे बढ़ा रहे थे। अगले दिन यानी 21 अक्तूबर को नेहरू ने कश्मीर के तत्कालीन प्रधानमंत्री एमसी महाजन से कहा “मौजूदा हालात में कश्मीर के भारतीय संघ में विलय की घोषणा करने की शायद जरूरत नहीं है।
कश्मीर में अस्थाई सरकार का गठन किया जाए, शेख अब्दुल्ला यहां काफी लोकप्रिय हैं, उन्हें सरकार बनाने को कहा जाए।” रिजिजू ने कहा कि शेख नेहरू के मित्र थे, कश्मीर के भारत में विलय से ज्यादा जरूरी उन्हें अपने मित्र को कश्मीर की सत्ता दिलाना लगा। अगर जुलाई 1947 में ही विलय हो जाता तो पाकिस्तान कश्मीर को लेकर सक्रिय नहीं होता, न हमला करता, न आज कश्मीर में जारी आतंकवाद से हमें जूझना पड़ता और न ही 1990 में कश्मीरी हिंदुओं को घाटी से निकाला जाता।
कई मंत्री हमलावर... कहा-देश का इतिहास कुछ और होता
भाजपा के कई नेताओं ने भी हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि अगर नेहरू यह गलतियां नहीं करते तो न केवल कश्मीर बल्कि भारत का इतिहास कुछ और होता। केंद्रीय शहरी मामलात व पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन गलतियों को हिमालय जितनी बड़ी करार दिया। उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इनकी वजह से 7 दशकों तक हमने कई अवसर गंवाए। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि नेहरू के ऐतिहासिक झूठ की कीमत भारत ने चुकाई।
असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि नेहरू की कश्मीर नीति गलतियों से भरी थी ऐसा वे हमेशा से जानते थे। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, इनसे पूरे क्षेत्र को कई दशकों तक नुकसान हुआ। केंद्रीय उपभोक्ता मामलात राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि इनसे देश की कई पीढ़ियों को नुकसान हुआ तो सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने नेहरू के रवैए को ही षड्यंत्रकारी करार दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, नेहरू की गलतियों को देश ने झेला।